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अपहरण, हत्या के सात दोषियों को आजीवन कारावास

Thu, 30 Jan 2014 09:00 PM IST
अमर उजाला, रुड़की
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सात साल पहले प्रापर्टी विवाद में अपहरण के बाद हुई अर्जुन की हत्या के मामले में कोर्ट ने सात अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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साथ ही आरोपियों पर जुर्माना भी लगाया गया है। इनमें से कई आरोपी मुजफ्फरनगर के छपार क्षेत्र के रहने वाले है।  
2007 में हुई थी हत्या
एडीजीसी आलोक पुंडीर ने बताया कि 19 सितंबर 2007 को गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के रामनगर निवासी अर्जुन देव सुबह 11 बजे घर से निकला था।

दोपहर के समय उसके पड़ोसी नवीनत मोहन के मोबाइल पर रामनगर निवासी विजय उर्फ काली का फोन आया था, जिसमें उसने बताया था कि अर्जुन देव उनके साथ हरिद्वार गया है और शाम को वापस आ जाएगा।

इसके बाद अर्जुन का कोई सुराग नहीं लग पाया था। जिसके बाद अर्जुन देव के भाई जगरन्नाथ ने रामनगर निवासी विजय उर्फ काली, तरुण मेहंदीरत्ता उर्फ विक्की, बिजोपुरा थाना छपार निवासी सेठपाल, नवाब सिंह, ओमपाल और मांगेराम उर्फ मांगा निवासी कृष्णानगर गंगनहर कोतवाली तथा मुजफ्फरनगर के खिदंड़िया निवासी सुशील के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था।
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17 गवाह हुए पेश
आरोपियों की निशानेदी पर पुलिस ने घटना के करीब 15 दिन बाद अर्जुन देव का शव छपार क्षेत्र से बरामद किया था। यह मामला न्यायाधीश सुबीर कुमार की कोर्ट में विचाराधीन था। इस मामले में करीब 17 गवाह पेश किए गए थे।

इन धाराओं में हुई सजा
कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर सातों आरोपियों को 120 बी में आजीवन कारावास तथा 2-2 हजार का जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं धारा 201 में अभियुक्तों को 3-3 साल की सजा तथा एक-एक हजार का जुर्माना लगाया गया।
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धारा 302 में कोर्ट ने आजीवन कारावास तथा 5-5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। वहीं 364 ए में अभियुक्तों को आजीवन कारावास तथा 2-2 हजार का जुर्माना लगाया है। सभी सजाए एक साथ चलेंगी।
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