विकासनगर क्षेत्र के जमनीपुर तप्पड़ में 11 साल पहले हुई हत्या के मामले में कोर्ट ने छह दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपियों पर 17 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
21 सितंबर 2003 को जमनीपुर तप्पड़ में दो मुहा खाले के समीप खेत में असद पुत्र मेहंदी हसन निवासी जमनीपुर की कुल्हाड़ी और खुखरी से वार कर हत्या कर दी गई थी।
मामले में पुलिस ने नसीम, जियालाल, रिजवान, कामिल, श्रीचंद और संजय खान सभी निवासी जमनीपुर को गिरफ्तार किया गया था। उन पर धारा 147 (पांच से छह लोगों के किसी व्यक्ति को चोट पहुंचाना), 148 (हत्या के लिए धारदार हथियार का उपयोग करना), 302 (हत्या) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
पहली बार दी गई ऐसी सजा
शुक्रवार को उन्हें अपर सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल के समक्ष पेश किया गया। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायाधीश ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
क्षेत्र में यह इस तरह का पहला मामला है जब हत्या के आरोप में 6 लोगों को एक साथ आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
उन पर धारा-147 के तहत 2000 रुपये, धारा-148 के तहत 5000 और 302 के तहत 10,000 रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है।
देर से ही सही लेकिन मिला न्याय
हत्या के मामले में कोर्ट द्वारा दिए गए निर्णय का क्षेत्र के लोगों ने स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि देर से ही सही लेकिन कोर्ट ने सही फैसला दिया है। सजा के बाद अन्य अपराधियों के हौसले भी पस्त होंगे। अपराध के ग्राफ में गिरावट आएगी।
वरिष्ठ साहित्यकार हेमचंद्र सकलानी ने कहा कि कोर्ट के इस फैसले से समाज में एक अच्छा संदेश जाएगा। अपराधियों के हौसले पस्त होंगे। वह गलत काम करने से पहले दस बार सोचेंगे। कोर्ट के फैसले से पीड़ित परिवार की जीत हुई है।