मामले में राज्य सरकार की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता केपी खन्ना ने पैरवी की। उन्होंने बताया कि विगत 26 मई को छत्तीसगढ़ के रायपुर निवासी एसके अग्रवाल ने गौरी ट्रेवल्स के माध्यम से केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर टिकट की ऑन लाइन बुकिंग कराई थी। तय तिथि पर जब अग्रवाल शेरसी हेलीपैड पर पहुंचे तो हेरीटेज कंपनी प्रबंधन ने किसी भी प्रकार की बुकिंग और उड़ान से इंकार कर दिया, साथ ही कहा कि बुक किया हुआ टिकट उनकी कंपनी का नहीं है। पीड़ित ने 28 मई को सोनप्रयाग थाना में पुलिस को तहरीर दी थी।
मामले में पुलिस अभी तक दो लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। हेरिटेज एविएशन का स्वामी रोहित माथुर गिरफ्तारी से लगातार बचता रहा है, जिसके चलते उसके खिलाफ गैर जमानती वांरट भी जारी हो चुका है। पुलिस उसके दिल्ली स्थित ठिकानों पर भी दबिश दे चुकी है। आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए सेशन जज रुद्रप्रयाग की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया है।