ऋषिकेष के एक होटल में दो नाबालिग युवतियों के साथ रंगरलियां मनाने और दूसरे यात्रियों से बदसलूकी करने पर अदालत ने तीन लोगों को पांच साल की सजा सुनाई है। साथ 15 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
2008 में दर्ज हुआ था मामला
तीन अगस्त, 2008 की रात कोतवाली पुलिस ने देहरादून रोड स्थित एक होटल के कमरा नंबर 107 में छापा मारकर दो युवतियों और तीन पुरुषों को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा था।
पुलिस ने प्रत्यक्षदर्शियों की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ होटल में नाबालिग युवतियों के साथ रंगरलियां मनाने, तोड़फोड़ और यात्रियों से अभद्रता करने का मुकदमा दर्ज किया था।
2010 में दाखिल की थी चार्जशीट
विवेचना के बाद पुलिस ने 10 अप्रैल, 2010 को चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत की। मामले में बृहस्पतिवार को प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरके खुल्बे की अदालत में सुनवाई हुई।
कोर्ट ने आरोप सिद्ध होने पर कृष्णकांत आनंद निवासी अहमद नगर, बुलंदशहर (यूपी), धर्म सिंह निवासी बड़कोट उत्तरकाशी और जितेंद्र कुमार निवासी गोपालपुर, दिल्ली को पांच साल का कारावास और क्रमश: पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर चार माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
क्या था मामला
दून मार्ग स्थित एक होटल में एसके शर्मा निवासी टीएचडीसी कोटेश्वर ने 102 नंबर कमरा बुक कराया था। रात को तीन पुरुष अपने साथ दो युवतियों को लेकर होटल में आए।
एसके शर्मा के कहने पर होटल रिस्पेस्निस्ट ने उन्हें 107 नंबर कमरा दे दिया। जहां उन्होंने नशे में धुत होकर हुड़दंग काटा। समझाने बुझाने पर यात्रियों से हाथापाई की। होटल प्रबंधक की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई की थी।