मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने एक बार फिर शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी के खिलाफ कुर्की का आदेश दिया है।
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कोर्ट ने पुलिस को आदेश भेजते हुए कोर्ट में उनकी 26 मार्च तक उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। गैरजमानती वारंट जारी होने के बावजूद नैथानी के अदालत में पेश न होने पर आदेश दिया गया है।
SSP को अभी तक आदेश प्राप्त नहीं हुआ
उधर, देहरादून के एसएसपी अजय रौतेला का कहना है कि फिलहाल अभी तक उन्हें आदेश प्राप्त नहीं हुआ है, जब मिलेगा तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी और कांग्रेस नेता कमल रत़ूड़ी पर 25 मार्च, 2000 को दून में आत्मदाह के प्रयास का आरोप है। दोनों के खिलाफ धारा 309 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
मंत्री के खिलाफ जारी किया था गैरजमानती वारंट
मामला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजीव कुमार की कोर्ट में है। पेश न होने पर अदालत ने नैथानी और रतूड़ी के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कर एसएसपी दून को उनकी गिरफ्तारी के आदेश दिए थे।
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दून पुलिस ने दोनों को टिहरी निवासी बताते हुए टिहरी पुलिस को कार्रवाई के लिए भेजा। टिहरी पुलिस ने रिपोर्ट लगाई कि यहां वर्तमान में इस नाम का कोई व्यक्ति नहीं रहता।
अदालत ने पहले भी दिए थे कुर्की के आदेश
अदालत ने इस मामले में धारा 82 कुर्की नोटिस और 83 कुर्की के आदेश दिए थे। छह मार्च को अदालत ने फिर पुलिस को पूर्व आदेशानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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तत्कालीन अपर सचिव गृह जेपी जोशी की ओर मंत्री के खिलाफ मामले की वापसी के आदेश जारी किए गए थे। आदेश के बाद मंत्री एक बार भी कोर्ट में मौजूद नहीं हुए।
कानून के जानकारों की माने तो कोर्ट में पेश हुए बगैर मामला वापस नहीं हो सकता, इसके लिए मंत्री को कोर्ट में पेश होना होगा।