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महंत देवेंद्र दास को कोर्ट ने दी राहत

Tue, 13 Aug 2013 09:48 AM IST
देहरादून/ब्यूरो
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देहरादून के एसजीआरआर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज को एमसीआई मान्यता के लिए धोखाधड़ी के मामले में आरोपी बनाए गए चेयरमैन महंत देवेंद्र दास को कोर्ट ने राहत दी है। जिला जज राजकृष्ण की अदालत ने उन्हें आरोपमुक्त कर दिया है।
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निरीक्षण के दौरान कई कमियां मिली थीं
एमसीआई की टीम ने संस्थान के एमबीबीएस के पांचवें बैच के रिन्यूवल के लिए वर्ष 2010 में निरीक्षण के दौरान कई कमियां पाई थीं। टीम ने पाया कि वहां उपकरण व शिक्षण स्टाफ एमसीआई के मानकों के अनुरूप नहीं है। इस संबंध में केंद्र को रिपोर्ट भेजी गई थी, जहां से कमियां सुधारने का मौका दिया गया। आरोप है कि प्राचार्य ने टीम के कुछ अफसरों के साथ मिलकर कमियां दुरुस्त करने के संबंध में केंद्र को गलत रिपोर्ट भेजी।

सीबीआई ने इस मामले में अस्पताल अधीक्षक ब्रिगेडियर डा.वेद प्रकाश, उप अधीक्षक डा. वीके बिहारी, प्राचार्य डा. एसके घिल्डियाल व चेयरमैन महंत देवेंद्र दास को आरोपी बनाया था। सीबीआई की चार्जशीट पर विशेष मजिस्ट्रेट सीबीआई की अदालत ने चेयरमैन समेत कुल चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज व आपराधिक षड्यंत्र के आरोप तय किए थे। इस आदेश के खिलाफ चेयरमैन महंत देवेंद्र दास ने जिला जज राजकृष्ण की अदालत में रिवीजन दाखिल की थी।
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कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं
बचाव पक्ष ने कहा कि महंत देवेंद्र दास का नाम एफआईआर में नहीं है, वे केवल संस्था के अध्यक्ष हैं। उनके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष प्रमाण भी नहीं हैं। इसके अलावा जांच करने वाली एमसीआई टीम ने भी उन्हें आरोपी नहीं बनाया है। बचाव पक्ष के तर्क सुनने के बाद अदालत ने महंत देवेंद्र दास को आरोपों से डिस्चार्ज कर दिया।
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