टाटा मैजिक, मैक्सिमों और विक्रमों को स्टेज कैरिज में बदलने के संभागीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) के निर्णय पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है।
हाईकोर्ट ने सीट और चेसिस का आकार बढ़ाकर ठेका परमिट को स्टेज कैरिज में बदलने के निर्णय को गलत ठहराया है। आरटीओ और प्राधिकरण के सचिव डीएस पठोई ने बताया, अभी कोर्ट के निर्णय का अध्ययन किया जा रहा है।
संभागीय परिवहन प्राधिकरण की बीते 20 मई को हुई बैठक में विक्रमों, मैजिक और मैक्सिमों को स्टेज कैरिज की परिभाषा का मानकर ठेका परमिट से बदलकर स्टेज कैरिज में करने का निर्णय लिया गया था। फैसले से दून शहर में अधिकारिक रूप से दौड़ने वाले 774 विक्रम मालिकों के चेहरे खिल गए।
जबकि पिछले बहुत समय से चल रहे टाटा मैजिक और मैक्सिमों के संचालकों को भी बड़ी राहत मिली। लेकिन हाईकोर्ट में महानगर सिटी बस सेवा के अध्यक्ष विजयवर्धन डंडरियाल ने आरटीए के निर्णय के खिलाफ याचिका दाखिल की।
याचिका में तर्क दिया गया कि जिस मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 41 का हवाला देकर ठेका वाहनों को स्टेज कैरिज में बदला जा रहा है, वो सीधे तौर पर एमवी एक्ट का उल्लंघन है। असल में, सिर्फ सेवन प्लस वन सीट वाले विक्रम ही स्टेज कैरिज में होंगे, जबकि दून में सेवन प्लस वन श्रेणी के 150 विक्रम हैं।
बाकी सभी सिक्स प्लस वन यानी छह सवारी और एक चालक में अधिकृत हैं। लेकिन परिवहन विभाग ने सिक्स प्लस वन को भी सेवन प्लस वन में करने का फैसला कर लिया। प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई थी।