फर्जी दस्तावेज के आधार पर गृह कर (हाउस टैक्स) दूसरे के नाम करने के आरोप में पालिकाध्यक्ष (चेयरमैन) इस्लाम चौधरी और ईओ अजहर अली समेत छह लोगों के खिलाफ मंगलवार को धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
इससे पहले एसएसपी के निर्देश पर मामले की जांच स्पेशल इनवेस्टिगेशन स्क्वाड (एसआईएस ) को सौंपी गई थी। मामला चेयरमैन और ईओ से जुड़ा होने के कारण शिकायतकर्ता ने इसकी स्वतंत्र जांच की मांग उठाई है।
ज्वालापुर निवासी जमिल-उर-रहमान ने वर्ष 2016 में एसएसपी से शिकायत की थी कि मंगलौर के मोहल्ला बंदरटोल में उसका पैतृक मकान है। वर्ष 1976 से इसका गृहकर उसके नाम से आता था। रहमान का आरोप है कि उसकी बहन मेहताब ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर पालिका चेयरमैन इस्लाम चौधरी, ईओ अजहर अली, क्लर्क दीपक और एक अन्य कर्मचारी के साथ मिलकर गृहकर अपनी बेटी के नाम करवा दिया है। पालिका ने वर्ष 2016 में बहन की बेटी के नाम से गृहकर की रसीद भी काट दी थी।
उसके बाद बहन ने पालिकाध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी समेत छहकर्मियों की मिलीभगत से मकान कब्जा लिया। इसके बाद जमील-उर-रहमान ने इसकी शिकायत एसएसपी कृष्ण कुमार वीके से की थी। एसएसपी ने इसकी जांच एसआईएस को सौंप दी थी।
जांच में प्रथम दृष्टया मामला सही पाए जाने पर एसएसपी के निर्देश पर मंगलौर पुलिस ने चेयरमैन और ईओ समेत छह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस संबंध में चेयरमैन इस्लाम चौधरी और ईओ अजहर अली का कहना है कि गृहकर में नाम परिवर्तन नियमानुसार किया गया है। इस प्रकरण में कोई आपराधिक मुकदमा नहीं बनता।