80 हजार से एक लाख है प्रक्रिया शुल्क
दून में आईवीएफ से सभी प्रकार की अत्याधुनिक सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। निजी फर्टिलिटी सेंटर में प्रक्रिया शुल्क करीब 80 हजार रुपये से एक लाख रुपये है, जिसमें डॉक्टर-कंस्लटेंट फीस समेत कई जांचों का शुल्क शामिल है। सेरोलोजिकल टेस्ट की फीस 1.30 लाख से 1.50 लाख रुपये तक है। इसमें से एक लाख रुपये तक का लोन भी दिया जा रहा है।
आईवीएफ में खर्च करीब एक लाख रुपये से दो लाख रुपये के बीच आता है। कई सेंटर्स उपचार के शुल्क को किश्तों में लेते हैं, इसके लिए विशेष स्कीम भी चलाते हैं। - डॉ. संगीता, आईवीएफ विशेषज्ञ
कैसे होती है आईवीएफ की प्रक्रिया
डॉ. अभिनय सिंह बताते हैं, आईवीएफ प्रयोगशाला आधारित प्रक्रिया है। इसमें परिपक्व अंडों को अंडाशय से निकाला जाता है और शुक्राणु द्वारा निषेचन के लिए एक विशेष प्रयोगशाला में रखा जाता है। भ्रूण या निषेचित अंडों को एक लंबी, पतली कैथेटर (ट्यूब) का उपयोग करके गर्भाशय में स्थानांतरित किया जाता है। इन विट्रो फर्टिलाइजेशन एक लंबी प्रक्रिया है, जिसमें लगभग तीन सप्ताह लगते हैं।
इंदिरा आईवीएफ सेंटर की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार निःसंतान दंपतियों को प्रजनन उपचार के लिए ब्याज मुक्त आईवीएफ ऋण दिया जाता है। इसके सेंटर पर आईवीएफ उपचार करवाने के इच्छुक दंपती कुछ राशि जमाकर अपना उपचार शुरू कर सकते हैं।
बैंक कई तरह की सेवाओं के लिए लोन उपलब्ध करा रहे हैं, पर्सनल लोन का दायरा भी बढ़ाया गया है। निजी जरूरतों से लेकर आईवीएफ का शुल्क अदा करने के लिए भी अब बैंक लोन दिया जा रहा है। इस लोन का प्रयोग कर लोग जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। - संजय भाटिया, लीड बैंक मैनेजर