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संतान प्राप्ति की कामना लेकर इस मंदिर पहुंचे दंपति, आस्था का ऐसा रूप देख हैरान जाएंगे

Mon, 04 Dec 2017 08:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गोपेश्वर
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doli - फोटो : amar ujala
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कड़ाके की ठंड में रात भर मां के दरबार में बस एक ही कामना कर रही थी महिलाएं। संतान प्राप्ति की, लेकिन आस्था का ऐसा रूप देख हैरान रह जाएंगे। फिर जो हुआ वो...
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मेरी झोली भर देई हे माता अनसूया, सुखी राखी मेरु कुटुंब परिवार...। संतान प्राप्ति के लिए माता अनसूया मंदिर पहुंचे 225 निसंतान दंपतियों ने मां अनसूया की रातभर अराधना और पूजा की।  

दंपतियों के साथ ही सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भी अनसूया मंदिर प्रांगण में रात्रि जागरण कर भजन-कीर्तन किए। रविवार को बणद्वारा, सगर, देवलधार, खल्ला और कठूड़ गांवों की मां ज्वाला ने अपनी बहिन अनसूया से विदा लेकर भक्तों को आशीर्वाद दिया।
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सगर गांव की मां ज्वाला रात्रि प्रवास के लिए ग्वाड़ गांव पहुंची, जबकि अन्य सभी देव डोलियां अपने-अपने मंदिरों में विराजमान हो गईं। इसी के साथ दो दिवसीय माता अनसूया मेला भी संपन्न हो गया।

बीते शनिवार को रात आठ बजे तक निसंतान दंपतियों और देवी भक्तों ने अनसूया मंदिर प्रांगण में कीर्तन-भजन किया। रात करीब साढ़े नौ बजे मंदिर समिति की महिलाओं को माता अनसूया की पूजा के लिए बुलाया गया।

अनसूया माता मंदिर के पुजारी डा. प्रदीप सेमवाल ने निसंतान दंपतियों की ओर से सामूहिक संकल्प पूजा की। वहीं, मेले में रात्रि जागरण के दौरान भक्तों ने ऊंचू धाम तेरु माता अनसूया, हे मां, झोली मेरी भर देई, जय हो माता अणसी जैसे गढ़वाली भजनों की प्रस्तुति दी। कड़ाके की ठंड के बाद भी माता के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।

 
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निसंतान दंपतियों का कहना...

doli - फोटो : amar ujala
माता अनसूया के बारे में बहुत सुना था। आज इस पवित्र स्थान के दर्शन भी कर लिए। शादी को दस साल हो गए, लेकिन अभी तक संतान की प्राप्ति नहीं हुई है। माता अनसूया के द्वार पर संतान प्राप्ति की कामना लेकर आई हूं। - कुसुम, हरिद्वार निवासी।

- दो सालों से माता अनसूया मंदिर आने का कार्यक्रम बना रहे थे। इस वर्ष यहां पहुंचने का शुभ अवसर मिला है। माता की पूजा कर पुत्र कामना की मनौती मांगी है। यहां आकर देवत्व का एहसास हो रहा है। माता रानी की कृपा जरूर बरसेगी। - नीलम, दिल्ली निवासी।

कर्णप्रयाग में रह रहे रिश्तेदारों ने माता अनसूया मंदिर के बारे में बताया। पहली बार इस क्षेत्र में पहुंचे हैं। माता से संतान कामना और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। माता अनसूया का मंदिर निर्जन वन में है। यहां कड़ाके की ठंड में भी श्रद्धालुओं की आस्था को देख माता अनसूया के प्रति आस्था दोगुनी हो गई है। - लक्ष्मी भट्ट, मुंबई निवासी।

दत्तात्रेय और अत्रिमुनि आश्रम में मत्था टेका
माता अनसूया मंदिर के समीप ही अत्रि मुनि आश्रम और दत्तात्रेय मंदिर भी स्थित है। माता की पूजा करने के बाद श्रद्धालु इन मंदिरों में भी मत्था टेकने पहुंचे। गोपेश्वर की शशि, पूनम, सरिता और लक्ष्मी का कहना है कि मां अनसूया के दर्शन कर मन को शांति मिल रही है। निसंतान दंपतियों ने अमृत गंगा के उद्गम स्थल पर पवित्र स्नान भी किया।
 
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