राजधानी देहरादून में अब नगर निगम पार्षदों को ही समय लेकर नगर निगम दफ्तर में प्रवेश करना होगा। ऐसा हम नहीं बल्कि निगम के एमएनए ने पार्षदों से कहा है।
नगर निगम परिसर में ही अपनी उपेक्षा से नाराज पार्षदों की सोमवार के दिन एमएनए अशोक अग्रवाल से जमकर बहस हुई। पार्षदों के जवाब मांगने पर समय लेकर आने तक की नसीहत दे दी गई।
समय लेकर आएं पार्षद
पार्षदों ने एमएनए से अनदेखी किए जाने पर सवाल पूछा तो एमएनए ने उनको समय लेकर आने की नसीहत दी। जिस कारण पार्षद भड़क गए। इसके बाद पार्षदों और एमएनए के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
नगर निगम परिसर में बने एमएनए कार्यालय में सोमवार की दोपहर करीब एक बजे भाजपा समर्थित पार्षद अरुण खन्ना, सतीश कश्यप, भूपेंद्र कठैत और अंजू बिष्ट एमएनए अशोक अग्रवाल के कमरे में पहुंचे।
म्यूटेशन के सवाल पर विवाद
करीब आधा घंटा बैठे रहने के बावजूद एमएनए के कोई वार्ता न किए जाने पर पार्षद भड़क गए। पार्षद अरुण खन्ना ने बताया कि म्यूटेशन का मामला बीते दिनों नगर निगम कार्यकारिणी में आया था।
सोमवार के दिन वे और अन्य पार्षद इसके संबंध में वार्ता करने एमएनए के कमरे में गए। करीब आधा घंटे तक एमएनए के सामने बैठे रहने पर भी उन्होंने कोई बात नहीं की।
सामने-सामने कर दी अनदेखी
सामने बैठे होने के बावजूद अनदेखी करने पर पार्षदों ने एमएनए से इसकी आपत्ति जताई, लेकिन उल्टा वे ही भड़क गए। यहां तक कि उन्होंने पार्षदों को समय लेकर उनसे मिलने की बात कह डाली।
जिस कारण पार्षदों और एमएनए के बीच तीखी नोकझोंक हुई। साथी पार्षद सतीश कश्यप ने एमएनए पर विधायकों को तवज्जो देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विधायक के साथ एमएनए घंटों बैठकर बातें कर सकते हैं, लेकिन पार्षदों के लिए उनके पास समय नहीं है।