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बुजुर्गों की पेंशन पर पार्षदों ने प्रशासन को घेरा

Fri, 29 Aug 2014 12:30 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो, करनाल
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अपने-अपने वार्डों के लोगों के प्रति जवाबदेही से परेशान हुए पार्षद वीरवार को डीसी दरबार पहुंचे। नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग के नेतृत्व में पार्षदों ने डीसी बलराज सिंह के समक्ष वार्ड के लोगों की समस्याएं रखीं और उनका जवाब मांगा।
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पार्षदों का कहना था कि सरकार ने बिना कोई पुख्ता व्यवस्था किए हजारों बुजुर्गों की पेंशन काट दी है। गरीब व पात्र लोगों के नाम बड़ी संख्या में बीपीएल सूची से काट दिए गए हैं। इसके चलते उनके वार्ड के लोग उनसे सवाल करते हैं, लेकिन उनके पास कोई जवाब नहीं होता।

रोजाना लोग उनसे मिलकर और फोन करके पेंशन व बीपीएल राशन कार्ड कटने की शिकायत करते हैं, लेकिन वे उन्हें कुछ नहीं कह पाते। पार्षदों में रोष था कि ऐसे किसी भी सर्वे के समय प्रशासन या सरकार उनसे न तो कोई सलाह मशविरा करता है और न ही कोई वेरिफिकेशन की जाती है। डीसी बलराज सिंह ने पार्षदों को आश्वासन दिया कि जल्द ही पेंशन के मुद्दे को सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारी को फोन करके मामले को जल्दी निपटाने के निर्देश दिए।
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जून के बाद पेंशन नहीं
पार्षदों ने कहा कि जून माह के बाद बुजुर्गों को पेंशन नहीं मिल सकी है। बुजुर्ग उनसे कारण पूछते हैं, लेकिन प्रशासन स्थिति स्पष्ट नहीं करता। सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग का कहना है कि ऐसे पेंशन बढ़ाने का क्या फायदा, अगर बुजुर्गों को हर माह इसके लिए धक्के खाने पड़े। वृद्धावस्था सम्मान भत्ता बुजुर्गों के लिए अपमान साबित हो रहा है। जिले के 30 हजार से ज्यादा बुजुर्गों की पेंशन रोकी गई है। विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से हजारों बुजुर्गों की पेंशन के फार्म गायब कर दिए गए हैं। इसकी जवाबदेही के लिए कोई तैयार नहीं है।

आठ माह से नहीं बनी नई पेंशन
पार्षद बलविंद्र सिंह, यश मित्तल, भगवान दास अघी, सतीश कुमार, सुदर्शन कालड़ा, शीला देवी पार्षद के पति बलबीर सिंह, मुकेश अरोड़ा, पार्षद कमलेश लाठर, नरेंद्र पंउित, रामचंद्र कालड़ा ने कहा कि आठ माह से कोई नई पेंशन नहीं बनाई गई है। साठ साल से ऊपर के बुजुर्ग, विधवा महिलाएं और विकलांग पेंशन के लिए भटक रहे हैं। रोज सौ से ज्यादा फोन उनके पास आते हैं, लेकिन वे कोई जवाब नहीं दे पाते।
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