राजधानी देहरादून में 100 साल पुरानी शराब की कीमत 2.35 लाख रुपए लगाई गई है।
फ्रांस से आई ‘कोनिएक’ नाम की यह ब्रांडी पार्श्वनाथ मॉल में खुली विदेशी शराब की दुकान पर लोगों को अचरज में डाल रही है।
दरअसल नई आबकारी नीति के तहत सरकार से अनुमति मिलने के बाद शहर में एक डिपार्टमेंटल स्टोर के अलावा दो मॉल्स में विदेशी शराब की दुकानें खुल गई हैं।
अनुमति के तहत बेची जा सकती है सिर्फ विदेशी शराब
दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों की तर्ज पर यह योजना दून में लागू की गई है।
डालनवाला में डिपार्टमेंटल स्टोर संचालक पवन जायसवाल ने बताया कि अनुमति के तहत सिर्फ विदेशी शराब बेची जा सकती है।
उन्होंने अपने स्टोर में विदेशी शराब के लिए अलग गैलरी बनाई है। बताया कि इसे लोगों का अच्छा रिस्पांस मिल रहा है।
सिर्फ बोतल ही 40 हजार की
पार्श्वनाथ मॉल में खुली विदेशी शराब की दुकान के संचालक प्रदीप मल्होत्रा ने बताया कि फ्रांस से आई ‘कोनिएक’ ब्रांडी अंगूर से बनी है।
इसकी शीशी हैंडमेड है जो क्रिस्टल ग्लास से बनी है। इस बोतल की कीमत ही 40 हजार रुपए है। शराब जितनी पुरानी होगी, दाम भी उतना ही अधिक होगा।
इसके अलावा इंद्रानगर स्थित विकास मॉल में भी विदेशी शराब की दुकान खुली है।
एक लाख रुपए है लाइसेंस की फीस
विदेशी शराब बेचने के लिए एक साल के लाइसेंस की कीमत एक लाख रुपए है।
साथ ही चरित्र प्रमाण पत्र और पचास हजार रुपये का फिक्स डिपॉजिट भी जमा करना होगा। कुछ नियम-शर्तों का भी पालन करना होगा।
शौकीनों को आसानी
डिपार्टमेंटल स्टोर में खरीदारी करने पहुंचे डॉ. जेके खत्री का कहना है कि पहले विदेशी ब्रांड की शराब के शौकीनों को दिल्ली, हरियाणा जैसी जगहों का रुख करना पड़ता था।
इस योजना के बाद घर के पास ही डिपार्टमेंटल स्टोर में मनचाहा ब्रांड मिल जाएगा।
विदेशी शराब के कुछ खास ब्रांड
रॉयल सैल्यूट- 52000 रुपए (38 साल पुरानी)
शीवास रीगल- 27500 रुपए (25 साल पुरानी)
ग्लेन लिविट- 27500 रुपए (25 साल पुरानी)
ग्लेन फिडिक- 19000 रुपए (21 साल पुरानी)
ब्लू लेवल- 18500 रुपए (21 साल पुरानी)
रॉयल सैल्यूट- 17000 रुपए (21 साल पुरानी)
स्कॉटलैंड की वैलिस लिकर - 2400 रुपए
शैंपेन (मम्स)- 6500 रुपए