बीमारी के लक्षण उसने बहुत दिनों बाद दिखे। लेकिन इसके बाद भी उसने हिम्मत नहीं हारी। उपचार के दौरान अस्पताल में भी चिकित्सकों का पूरा सहयोग किया। दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चिकित्सक व नर्सिंग स्टाफ भी युवक को लगातार भरोसा दिलाते रहे।
अस्पताल से डिस्चार्ज होते समय युवक चिकित्सकों , नर्सिंग स्टाफ व अन्य कर्मियों का आभार जताना नहीं भूला। युवक का कहना है कि कोरोना बीमारी में मन में नेगेटिव ख्याल नहीं लाना है। साथ ही डॉक्टरों द्वारा बताई गई सलाह के अनुसार काम करना है और सरकार द्वारा जारी लॉकडाउन का सभी लोग अच्छी तरह से पालन करें, ताकि हम लोग कोरोना को जड़ से मिटा सके।
इधर, कोरोना वायरस से जंग जीतकर सकुशल घर वापस पहुंचने पर युवक के परिवार वालों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
कोरोना से जंग जीते 49 वर्षीय अमेरिकी नागरिक ने डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ का दिल से आभार जताया है। अमेरिकी नागरिक ने अपनी भाषा मे स्टाफ से कहा कि भारत ने उसे नया जीवन दिया है।
अस्पताल के स्टाफ ने जिस तरह से देखभाल की वह कभी भूल नहीं सकते। यह बात उन्हें हमेशा याद रहेगी। इस देश से वापस लौटते वक्त वह एक ऐसा ऋण अपने ऊपर लेकर जाएंगे, जिसे कभी भी चुकाया नहीं जा सकता। करीब 20 दिन अस्पताल में रहकर वह जान गए हैं कि विश्व में भारत की जो छवि है, वह क्यों है।