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Coronavirus uttarakhand: क्वारंटीन अधूरा छोड़ दिल्ली लौटे छह युवकों और जमातियों को ठहराने पर चार ग्रामीणों पर मुकदमा दर्ज

Thu, 02 Apr 2020 07:07 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भगवानपुर (रुड़की)

सार

  • 10 दिन पहले दिल्ली से लौटने पर विभाग ने किया था होम क्वारंटीन
  • तब्लीगी जमात से लौटे आठ जमातियों को खड़ंजा कुतुबपुर में चार लोगों ने ठहराया था
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लॉ़कडाउन के बीच रुड़की में क्वारंटीन के लिए तय 14 दिन का समय पूरा होने से पहले ही हसनपुर मदनपुर निवासी छह युवा स्वास्थ्य विभाग की टीम को चकमा देकर दिल्ली लौट गए। विभाग ने सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। दिल्ली से आने के बाद इन लोगों को 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन किया गया था।

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भगवानपुर क्षेत्र के हसनपुर मदनपुर निवासी छह लोग 10 दिन पूर्व दिल्ली से लौटे थे। सूचना मिलने पर विभागीय टीम ने थर्मल स्क्रीनिंग के बाद सभी को 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन कर दिया था। विभागीय टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही थी, लेकिन इसी बीच चकमा देकर सभी लोग क्वारंटीन का समय पूरा होने के चार दिन पहले ही दिल्ली रवाना हो गए। बृहस्पतिवार को विभागीय अधिकारी गांव में निगरानी करने पहुंचे तो सभी के फरार होने की जानकारी मिली।



थानाध्यक्ष संजीव थपलियाल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉक्टर पंकज कुमार ने तहरीर देकर बताया कि छह लोगों ने महामारी एक्ट का उल्लंघन किया
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है। तहरीर के आधार पर आरोपी हिमांशु, स्वाति, आयशा, रूबी, शिवानी और अंकित के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

जमातियों को घर पर ठहराने वालों पर मुकदमा

दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में आयोजित तब्लीगी जमात से लौटे आठ जमातियों को मंगलौर लौटने से पहले घर पर ठहराने के आरोप में पुलिस ने चार ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने चारों पर बीमारी को लेकर उपेक्षापूर्ण व्यापार करना, दूसरे की जान को खतरे में डालना और धारा 144 के उल्लंघन की धाराएं लगाई हैं। वहीं, बृहस्पतिवार को इन सभी को होम क्वारंटीन से उठाकर रुड़की के एक गेस्ट हाउस में शिफ्ट कर दिया गया।

निजामुद्दीन मरकज में पिछले महीने आयोजित तब्लीगी जमात में शिरकत कर देशभर के जमाती अलग-अलग प्रदेशों के लिए रवाना हुए थे। इसी कड़ी में वहां से मंगलौर लौटे कुछ जमातियों के घर जाने से पहले खड़ंजा कुतुबपुर गांव में ग्रामीणों के घर रुकने का पता चला तो पुलिस प्रशासन और खुफिया विभाग अलर्ट हो गया था।

स्वास्थ्य विभाग ने आठों जमातियों की जांच की तो कोरोना जैसे लक्षण नहीं मिले थे। फिर भी एहतियातन सभी को होम क्वारंटीन कर दिया गया था। पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि आठों दिल्ली से लौटकर खड़ंजा कुतुबपुर में चार लोगों के घर ठहरे थे। मामले में कोतवाली के एसएसआई अभिनव शर्मा ने तहरीर दी थी।

कोतवाल वीरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान दूसरे राज्य से आए व्यक्तियों को अपने घर पर ठहराना केंद्र और राज्य सरकार के निर्देशों का उल्लंघन करना है। लिहाजा तहरीर के आधार पर बुधवार रात नौशाद, मेहरबान, तासीन और शमीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज मामले की जांच की जा रही है।
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धार्मिक कार्यक्रम की मुनादी करना पड़ा महंगा

लक्सर में धार्मिक स्थल पर माई के पूजन की मुनादी करना ग्रामीण को भारी पड़ गया। एसडीएम के निर्देश पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ में धारा 144 के उल्लंघन का मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए केंद्र सरकार ने 14 अप्रैल तक देशभर में लॉकडाउन किया है। इसके चलते जिले में धारा 144 लागू की गई है। ऐसे में कोई सामूहिक आयोजन नहीं हो सकता, लेकिन बुधवार को अकोढ़ा कलां निवासी रणतेज ने गांव में मुनादी शुरू कर दी कि बृहस्पतिवार सुबह गांव के निकट स्थित देवस्थान पर माई के पूजन का आयोजन है।

साथ उसने ग्रामीणों से कार्यक्रम में भाग लेने को कहा। इसी बीच किसी ने इसकी जानकारी एसडीएम पूरण सिंह राणा को दे दी। एसडीएम ने हलका के प्रभारी दरोगा संजय रावत को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। एसएसआई अभिनव शर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपी रणतेज के खिलाफ धारा 144 के उल्लंघन का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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