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Coronavirus: कोरोना जांच करने में तीन हिमालयी राज्यों से पिछड़ा उत्तराखंड, प्रदेश में ये है स्थिति

Wed, 20 May 2020 02:45 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • प्रति लाख पर 119 के मुकाबले 264 टेस्ट कर रहा है पड़ोसी राज्य
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- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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कोविड-19 महामारी के खिलाफ जारी जंग में सीमित संसाधनों वाले उत्तराखंड ने कई अच्छे मुकाम हासिल किए हैं। लेकिन कोरोना संक्रमण की जांच करने में वह पड़ोसी राज्य हिमाचल से पिछड़ गया है। केवल हिमाचल से ही नहीं तीन हिमालयी राज्यों की तुलना में उसका प्रदर्शन कमजोर दिखाई दे रहा है।

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कोरोना जांच के आंकड़ों के तुलनात्मक अध्ययन से यह तथ्य सामने आया कि उत्तराखंड में प्रति लाख लोगों पर 119 टेस्ट हो रहे हैं, जबकि हिमाचल में यह आंकड़ा 264 है। रोचक तथ्य ये है कि हिमाचल राज्य में कोरोना संक्रमण की जांच के लिए चार प्रयोगशालाओं को मान्यता मिली है। इनमें सीआरआई कसौली, आईजीएमसी शिमला, आरपीएमसी टांडा, एलबीएस मेडिकल कॉलेज नेरचौक मंडी शामिल हैं।


उत्तराखंड में एक निजी लैब के साथ पांच प्रयोगशालाओं में टेस्ट हो रहे हैं। इनमें दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल, हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर मेडिकल कॉलेज और एम्स ऋषिकेश शामिल है। लेकिन सैंपलों की जांच की रफ्तार उतनी तेज नहीं है, जितनी तीन हिमालयी राज्य जम्मू कश्मीर, त्रिपुरा और हिमाचल में है।
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कोविड-19 से जुड़े आंकड़ों का लगातार विश्लेषण कर रहे सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटीज के संस्थापक अनूप नौटियाल कहते हैं कि राज्य गठन के बाद से ही राज्य के नीति नियंता हिमाचल को एक आदर्श माडल के तौर पर पेश करते हैं। कोरोना टेस्टिंग के मामले में भी पड़ोसी राज्य हमारे सामने एक नजीर है। समान परिस्थितियों के बाद भी उत्तराखंड में टेस्टिंग की रफ्तार धीमी होना चिंता की बात है। सरकार को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना होगा।’ नौटियाल के मुताबिक, अभी तक कोरोना से मुकाबला करने के मामले में राज्य का प्रदर्शन बेहतर रहा है। अब जरूरत टेस्टिंग बढ़ाने की है। इसके लिए केंद्र से कुछ और लैब की मंजूरी ली जा सकती है।

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पहाड़ों में टेस्ट की रफ्तार बेहद धीमी

प्रवासियों के लौटने के बाद से अब तक कोरोना से महफूज रहे पहाड़ अब संकट में हैं। इसलिए बाहर से आने वाले लोगों की टेस्टिंग में बढ़ोतरी होनी चाहिए। लेकिन टेस्टिंग के अभी तक के जो आंकड़े सामने आए हैं, उसके हिसाब से कुल अब तक हुए टेस्ट में से पहाड़ के नौ जिलों की हिस्सेदारी आठ फीसदी के आसपास है। नौ पर्वतीय जिलों में प्रतिदिन कोरोना टेस्टिंग का औसत 180 है।

हिमालय राज्यों में कोरोना टेस्ट का तुलनात्मक विवरण
राज्य        जनसंख्या          टेस्ट         प्रति लाख टेस्ट       प्रतिशत
उत्तराखंड      1.00              11908          119                    100
हिमाचल       0.69              18224          264                    222
जे एंड के       1.22                88601         726                   610
त्रिपुरा            0.37               14,286        386                   324
नोट: जनसंख्या 2011 की जनगणना के अनुसार (करोड़ में)

उत्तराखंड के पहाड़ का विश्लेषण
जिला           टेस्ट       मामले
उत्तरकाशी       323        02
अल्मोड़ा         148        02
पौड़ी               121        03
चंपावत           103        00
रुद्रप्रयाग         74          00
चमोली            60          01
बागेश्वर            53         02
टिहरी             48           00
नोट: नौ पर्वतीय जिलों में 180 सैंपल प्रति दिन
मंगलवार तक 12346 टेस्ट में से 1011 (8%) टेस्ट पहाड़ी जिलों से
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