कोरोना काल में अनलॉक-4 शुरू हो गया है। लेकिन उत्तराखंड में अनलॉक-3 में संक्रमण का प्रभाव ज्यादा रहा। सैंपल जांच दोगुनी होने के साथ ही कोरोना मरीज, संक्रमण और मृत्यु दर बढ़ी है। अनलॉक-2 की तुलना में अनलॉक-3 में पांच गुना अधिक संक्रमित मरीजों की मौत हुई है।
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अनलॉक-3 की अवधि 31 अगस्त को पूरी हो गई है। इस दौरान प्रदेश में ठीक होने वाले मरीजों की तुलना में 3200 संक्रमित ज्यादा मिले हैं। एक माह में 210691 लोगों की जांच की गई। जिसमें 12644 संक्रमित मामले सामने आए। संक्रमण की दर 6.0 प्रतिशत रही। प्रदेेश में सबसे अधिक संक्रमितों की मौत अनलॉक-3 में हुई है। अनलॉक-दो में 39 मरीजों की मौत हुई थी।
कोरोना आंकड़ों का अध्ययन कर रहे सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के आधार पर यह पाया गया कि एक जून से अनलॉक-1 लागू हुआ था। इसके बाद भी प्रदेश में संक्रमण की रफ्तार बढ़ी है। अनलॉक-3 में सैंपल जांच बढ़ने के साथ ही नए कोरोना मरीज, मृत्यु और संक्रमण दर का ग्राफ भी बढ़ा है।