उत्तराखंड आने पर प्रतिबंध न होने के बावजूद अनलॉक-3 में प्रदेश की ओर रुख करने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पंजीकरण कराना और इस पंजीकरण का बॉर्डर चेक पोस्ट पर सत्यापन इस परेशानी की बड़ी वजह है।
प्रदेश सरकार ने राज्यों के बीच आवागमन को लेकर चार अगस्त को एसओपी जारी की थी। देहरादून, ऊधमसिंहनगर और हरिद्वार में कोरोना संक्रमण के अत्यधिक मामले सामने आने के कारण इस एसओपी में कुछ शर्तों को जोड़ा गया था।
इन शर्ताें में से एक स्मार्ट सिटी की वेबसाइट
http://dsclservices.org.in/apply.php पर पंजीकरण कराने के बाद बॉर्डर चेक पोस्ट पर सत्यापन कराना होगा। लेकिन यहां आने वाले लोग इस वजह से ज्यादा परेशान हो रहे हैं।
हालांकि बस, ट्रेन से आने वाले लोगों के लिए यह शर्त नहीं है। इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता के मुताबिक, चेक पोस्ट पर चेकिंग के नाम पर लंबी-लंबी लाइन लग रही है। अनलॉक-3 में किसी तरह का कोई प्रतिबंध नही है तो फिर प्रदेश सरकार ने पंजीकरण की अलग से व्यवस्था क्यों की हुई है।
अब केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी पत्र के आधार पर अनलॉक-3 की नई एसओपी पर विचार किया जा रहा है। खुद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना है कि प्रदेश सरकार जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाना चाहती।