18 अप्रैल को परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने चेकअप कर उसे दवा दी। 19 अप्रैल (रविवार) को फिर गंभीर स्थिति में बच्चे को अस्पताल लाया गया। फेफड़ों में इन्फेक्शन होने की वजह से बच्चे को वेंटिलेटर पर रखा गया।
लेकिन, कोशिश के बाद भी बच्चे को बचाया नहीं जा सका। मौत का कारण ‘सिवियर सेप्टिक शॉक’ बताया जा रहा है। यह वह अवस्था होती है जब शरीर में इंफेक्शन बढ़ जाता है और अंग काम करना बंद कर देते हैं।
अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. एनएस खत्री ने बताया की रविवार को जब परिजन बच्चे को अस्पताल लाए तो उसकी स्थिति गंभीर थी। तुरंत उसे निक्कू वार्ड में भर्ती किया। पांच डॉक्टरों की टीम उसके उपचार में लगी थी। लेकिन, इंफेक्शन ज्यादा होने के कारण बचाया न जा सका। अस्पताल प्रशासन ने शिशु रोग विभागाध्यक्ष और बच्चे का इलाज कर रहे डॉक्टरों से जवाब तलब किया है।