इसके बाद अब इन क्षेत्रों के सात किलोमीटर की परिधि में आने वाले बफर जोन में स्क्रीनिंग पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का जोर है। सात किलोमीटर के दायरे को जल्द कैसे चिन्हित किया जाए, इसके लिए काफी मंथन के बाद गूगल मैप का सहारा लिया गया।
इसमें तमाम कॉलोनियों और बस्तियों के हजारों लोग दायरे में आ रहे हैं। कोरोना के जिला नोडल अफसर डॉ. दिनेश चौहान ने बताया कि बफर जोन में विभाग की लगभग 100 से अधिक टीमें स्क्रीनिंग में लगी हैं। जिनमें आशा कार्यकर्ता और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी शामिल हैं।
घर-घर जाकर लोगों से खासी, जुकाम, तेज बुखार होने या उनकी कोई ट्रेवल हिस्ट्री होने आदि के बारे में पूछा जा रहा है। जरूरत के हिसाब से किसी को अस्पताल भेजा रहा है तो किसी को दवा दी जा रही है और किसी को घर में होम क्वारंटीन रहने की सलाह दी जा रही है।