फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Coronavirus Uttarakhand: तीन मई तक आवश्यक सेवाओं से जुड़े दफ्तर ही खुलेंगे, ये रहेंगे प्रावधान

Sun, 19 Apr 2020 08:24 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • शासन ने 19 से 25 मार्च तक लागू व्यवस्था को फिर से किया प्रभावी
  • गैरजरूरी विभागों के कार्मिक घर से करेंगे काम, जरूरत पड़ी तो आना होगा
विज्ञापन
उत्तराखंड सचिवालय - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तराखंड में केवल आवश्यक सेवाएं देने वाले शासकीय कार्यालय ही खोले जाएंगे। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की ओर से जारी आदेश के अनुसार केवल अति आवश्यक सेवाओं से संबंधित अफसर और कार्मिक कार्यालयों में आएंगे। अन्य विभागों के कार्मिक घर से ही काम करेंगे। जरूरत पड़ने पर उन्हें बुलाया जा सकता है।

विज्ञापन


मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की ओर से रविवार को सरकारी कार्यालयों को खोलने के संबंध में आदेश जारी किया गया। उन्होंने आदेश में लिखा है कि कोविड-19 की रोकथाम के लिए केंद्र सरकार ने तीन मई तक लॉकडाउन बढ़ाया है। उत्तराखंड सरकार ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर 18 मार्च को शासनादेश जारी किया था। इस शासनादेश को सरकार ने 19 मई से 25 मई तक के लिए प्रभावी किया था।

इसके अनुसार सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, प्रभारी सचिव, विभागाध्यक्षों तथा कार्यालय अध्यक्षों को निर्देशित किया था कि केवल उन्हीं कार्मिकों को कार्यालय में बुलाया जाना है, जिसकी अति आवश्यकता है। शेष कार्मिकों को घर से ही काम करने की अनुमति रहेगी। सभी कर्मचारियों को दूरभाष पर उपलब्ध रहने के निर्देश दिए थे। आपात स्थिति में किसी भी कर्मचारी को बुलाने का प्रावधान भी था।
विज्ञापन


इसी आदेश को शासन ने 20 अप्रैल से तीन मई तक के लिए दोबारा प्रभावी कर दिया है। इसके अनुसार केवल आवश्यक सेवाओं के कर्मचारी ही कार्यालयों में आएंगे। सचिवालय सहित वही अन्य कार्यालय खुलेंगे जो सीधे आवश्यक सेवाओं से जुड़े हैं।

विज्ञापन

यह रहेगा प्रावधान

- केवल आवश्यक सेवाएं पुलिस, स्वास्थ्य, परिवहन, खाद्य आपूर्ति, विद्युत, पेयजल, सफाई व्यवस्था आदि से संबंधित दफ्तर खुलेंगे।
- शेष विभागों के कार्मिकों को आफिस आने पर रहेगी रोक।
- दूरभाष पर सभी कर्मिक अपने उच्च अधिकारियों से संपर्क में रहेंगे।
- आवश्यकता पड़ने पर किसी भी कार्मिक को आना पड़ेगा दफ्तर।
- जिलाधिकारी किसी भी विभाग के कार्मिक को कोविड-19 की रोकथाम से संबंधित ड्यूटी में
कर सकते हैं तैनात।

मंत्रिपरिषद का यह था फैसला
16 अप्रैल को मंत्रिपरिषद ने फैसला लिया गया था सचिवालय में अनुसचिव रैंक तक के सभी अधिकारी आएंगे। इससे निचले स्तर के 33 प्रतिशत कार्मिक को बुलाया जाएगा। माना जा रहा था कि सभी विभागों को इसके तहत लाया जा रहा है, लेकिन शासन ने एक बार फिर पुराने शासनादेश को ही लागू किया है।

सोशल डिस्टेंसिंग को आधार बनाते हुए पिछले माह एक सप्ताह के लिए प्रभावी रही व्यवस्था को बहाल किया है। केवल आवश्यक सेवाएं देने वाले महकमे नियमित खुलेंगे, शेष को सोशल डिस्टेंसिंग के तहत घर से ही काम करना होगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें