- केवल आवश्यक सेवाएं पुलिस, स्वास्थ्य, परिवहन, खाद्य आपूर्ति, विद्युत, पेयजल, सफाई व्यवस्था आदि से संबंधित दफ्तर खुलेंगे।
- शेष विभागों के कार्मिकों को आफिस आने पर रहेगी रोक।
- दूरभाष पर सभी कर्मिक अपने उच्च अधिकारियों से संपर्क में रहेंगे।
- आवश्यकता पड़ने पर किसी भी कार्मिक को आना पड़ेगा दफ्तर।
- जिलाधिकारी किसी भी विभाग के कार्मिक को कोविड-19 की रोकथाम से संबंधित ड्यूटी में
कर सकते हैं तैनात।
मंत्रिपरिषद का यह था फैसला
16 अप्रैल को मंत्रिपरिषद ने फैसला लिया गया था सचिवालय में अनुसचिव रैंक तक के सभी अधिकारी आएंगे। इससे निचले स्तर के 33 प्रतिशत कार्मिक को बुलाया जाएगा। माना जा रहा था कि सभी विभागों को इसके तहत लाया जा रहा है, लेकिन शासन ने एक बार फिर पुराने शासनादेश को ही लागू किया है।
सोशल डिस्टेंसिंग को आधार बनाते हुए पिछले माह एक सप्ताह के लिए प्रभावी रही व्यवस्था को बहाल किया है। केवल आवश्यक सेवाएं देने वाले महकमे नियमित खुलेंगे, शेष को सोशल डिस्टेंसिंग के तहत घर से ही काम करना होगा।