भगत सिंह कॉलोनी और कारगी ग्रांट स्थित बस्ती में शनिवार को आवाजाही नियंत्रित करने के बाद रविवार को बस्ती को सील कर दिया गया है। दोनों क्षेत्रों की लगभग आठ हजार की आबादी अब अपने घरों में बंद है। इससे पहले प्रशासन ने दोनों जगहों पर राशन व खाने के प्रबंध कर दिए हैं। कॉलोनियों में सिर्फ सरकारी वेंडर ही राशन लेकर पहुंच रहे हैं।
तीन दिन पहले शहर के पांच लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। ये सभी कारगी ग्रांट बस्ती के निवासी थे और भगत सिंह कॉलोनी की मस्जिद में भी ठहरे थे। इसके बाद इन कॉलोनियों के कुछ लोगों को प्रशासन ने क्वारंटीन भी किया था। प्रशासन के आदेश पर शनिवार को दोनों जगहों में आवाजाही को नियंत्रित कर दिया था। साथ ही यहां पर सामुदायिक सर्विलांस के निर्देश दिए थे।
साथ ही प्रशासन ने दोनों जगहों के लिए आवश्यक वस्तुओं का प्रबंध भी शुरू कर दिया था। रविवार सुबह से ही दोनों कॉलोनियों में आवाजाही पूर्ण रूप से बंद कर दी गई। कॉलोनियों के सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। इसके साथ ही स्थानीय निवासियों ने भी अपने स्तर से आने जाने के मार्गों पर आंशिक रूप से बल्लियां आदि भी लगा दी। रविवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर कॉलोनियों के बाहर ही राशन व अन्य आवश्यक वस्तुओं को पहुंचा दिया गया। साथ ही लोगों को अपने घरों में रहने की अपील की गई। इन दोनों जगहों पर सरकारी वेंडर ही राशन की आपूर्ति भी कर रहे हैं।
सैनिक सहकारी आवास समिति लिमिटेड डिफेंस कालोनी, देहरादून ने कॉलोनी को सील कर दिया है। कॉलोनी में बाहरी व्यक्तियों के आने जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
सुबह से ही पसर गया सन्नाटा
कारगी ग्रांट के साथ-साथ इससे सटे हुए इलाकों में सुबह से ही सन्नाटा पसर गया था। लोग पहले से ज्यादा सचेत दिखे। इसके चलते सभी अपने अपने घरों में ही रहे। खासकर कारगी ग्रांट में लोग रोज की तरह अपनी छतों पर भी कम नजर आए।
मुख्य मार्गों पर पुलिस को तैनात किया गया है। ताकि यहां कोई बाहरी व्यक्ति आने का प्रयास न करे। इसके साथ ही रात में भी चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।