मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी और एम्स ऋषिकेश की सैंपल जांच रिपोर्ट में नैनीताल और रुड़की के छह और लोगों में कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। सभी मरीजों को संबंधित क्षेत्रों के आइसोलेशन में भर्ती किया गया है। मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों को चिह्नित कर क्वारंटीन किया जाएगा। संक्रमित मरीजों का यात्रा इतिहास खंगाला जा रहा है।
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डॉ.पंकज कुमार पांडेय, प्रभारी सचिव, स्वास्थ्य
तीन दिनों में 15 संक्रमित मामले
प्रदेश में तीन दिन के भीतर कोरोना संक्रमितों के 15 मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि प्रदेश में अब तक आए पॉजिटिव मामलों में सभी संक्रमित बाहरी राज्यों से उत्तराखंड लौटे हैं। स्थानीय स्तर पर अभी तक संक्रमण का कोई मामला नहीं आया है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, अभी तक प्रदेश में दो मरीज ठीक होकर अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिए गए हैं। देहरादून और कोटद्वार अस्पताल के आइसोलेशन में भर्ती पांच संक्रमित मरीजों को दो-तीन दिनों में अस्पताल से घर भेजा जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पांच संक्रमित मरीज स्वस्थ हैं। दूसरी बार मेडिकल जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद उन्हें घर भेजा जाएगा।
जिला - कुल संक्रमित
देहरादून - 11
ऊधमसिंह नगर - 04
हरिद्वार - 01
नैनीताल - 05
पौड़ी(कोटद्वार) - 01
कोरोना संकट के समय सदस्यता संख्या और राजनीतिक ताकत के मामले में सबसे बड़ी पार्टी भाजपा की भी परीक्षा है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बंशीधर भगत ने संगठन के माध्यम से सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे कठिन समय में केंद्र सरकार का संबल बनें और अपनी क्षमता के हिसाब अधिक से अधिक योगदान दें।
भोजन, राहत और अन्य सुविधाओं की निगरानी के लिए उन्होंने गढ़वाल में प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार और कुमाऊं मंडल में राजेंद्र भंडारी को जिम्मा सौंपा है। प्रदेश मुख्यालय समेत सभी जिला कार्यालयों में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं।
अभी पार्टी का फोकस अपने करीब सात हजार सक्रिय सदस्यों पर है, जो संगठन के सीधे संपर्क में हैं। इन सभी सक्रिय सदस्यों को दूरभाष, सोशल मीडिया पर संदेश के माध्यम से पीएम केयर फंड में योगदान के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इतना नहीं उनसे यह अनुरोध भी किया जा रहा है कि वे अपने प्रभाव क्षेत्र में कम से कम 10 लोगों को न्यूनतम 100 रुपये पीएम केयर फंड में दान करने के लिए प्रेरित करें।
हर सदस्य ने 100 रुपये भी दिए तो जुट जाएंगे 12 करोड़
प्रदेश में भाजपा के 12 लाख से अधिक सदस्य हैं। माना जा रहा है कि यदि प्रत्येक कम से कम 100 रुपये का भी योगदान कर दें, तो अकेले भाजपा संगठन से 12 करोड़ रुपये का योगदान हो जाएगा। यदि वह अपने सक्रिय सदस्यों को ही प्रेरित करती है तो इनकी संख्या सात हजार है।
प्रदेश सरकार लॉकडाउन समाप्त होने के बाद कोरोना की रोकथाम के लिए रणनीति बनाने में जुट गई है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में शनिवार को उच्च अधिकारियों की बैठक हुई। जिसमें कार्ययोजना तैयार करने को लेकर मंथन किया गया। बैठक में कहा गया कि 14 को राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन समाप्त हो रहा है।
अगर केंद्र ने इसे बढ़ाने का फैसला नहीं लिया तो राज्यों को अपने स्तर से संक्रमण को रोकने के लिए कारगर उपाय करने होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन खुलने की स्थिति में भीड़ को नियंत्रित करने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने को कार्ययोजना तैयार होनी चाहिए। कोरोना वायरस से बचाव कार्यों में जो लोग सहयोग नहीं करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
इसके लिए धर्मगुरुओं और समाज के प्रबुद्धजनों का भी सहयोग लिया जाए। बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश, डीजीपी अनिल रतूड़ी और स्वास्थ्य सचिव नितेश झा मौजूद रहे।
तब्लीगी जमातियों पर पैनी नजर
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि तब्लीगी जमात के प्रदेश में आए लोगों पर पैनी नजर रखनी है। बड़ी संख्या में पहुंचे जमातियों का पुलिस पता लगाए। अधिकारियों ने अवगत करवाया कि लगभग 15 तब्लीगी जमाती अभी तक संक्रमित पाए जा चुके हैं, जिनकी संख्या और बढ़ सकती है। ऐसे में 14 अप्रैल तक यह संख्या नियंत्रण से बाहर हो गई, तो प्रदेश सरकार सोशल डिस्टेंसिंग के लिए और कड़े कदम उठा सकती है।
मनरेगा में सौ करोड़ रुपये जारी करेगी केंद्र सरकार
लॉकडाउन के कारण वित्तीय मोर्चे पर दबाव महसूस कर रही सरकार और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को केंद्र से एक और राहत मिलने जा रही है। केंद्र ने मनरेगा में सौ करोड़ रुपये का बैकलॉग पूरा करने को सहमति दे दी है। इसी हफ्ते यह धनराशि केंद्र सरकार की ओर से जारी कर दी जाएगी। मनरेगा के तहत प्रदेश में इस समय करीब दस लाख जॉब कार्ड होल्डर हैं। इनमें से करीब साढ़े सात लाख जॉब कार्ड होल्डर सक्रिय हैं।
ग्राम्य विकास विभाग के मुताबिक दिसंबर 2019 तक केंद्र सरकार की ओर से इस योजना के तहत करीब 332 करोड़ रुपये जारी किए गए थे। राज्य सरकार ने भी अपने हिस्से के तहत करीब 38 करोड़ रुपये जारी किए थे। अब केंद्र सरकार की ओर से इस योजना के तहत सौ करोड़ रुपये भी जारी करने पर सहमति दे दी गई है।