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Uttarakhand LockDown: देहरादून में पाबंदी के बावजूद सड़कों पर निकले लोग, पांच जोन में बंटा शहर

Mon, 23 Mar 2020 09:23 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • लॉकडाउन तोड़ने पर पुलिस ने दिखाई सख्ती, लोगों को जबरन भेजा घर
  • कोरोना के संक्रमण से निपटने की शासन-प्रशासन की तैयारियों की अनदेखी कर रहे लोग
  • वीडीओ व प्रधान रखेंगे बाहरी लोगों का हिसाब, हर दिन देंगे सूचना
  • एफआरआई के संविदाकर्मियों का हंगामा
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सोमवार को देहरादून में लॉकडाउन पूरी तरह बेअसर नजर आया। प्रशासन के हिदायत और अपील के बावजूद सैकड़ों लोग घरों से बाहर निकले। इन लोगों को न तो अपनी चिंता की और न अन्य लोगों की। सड़कों पर वाहनों की आवाजाही अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन कुछ लोग मोटरसाइकिलों, चार पहिया वाहनों में घूमते नजर आए। दोपहर बाद पुलिस ने सख्ती दिखाई, लेकिन लोगों की चहलकदमी बंद नहीं हुई।

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कोरोना वायरस विश्व के अनेक देशों के साथ ही देश और प्रदेश में तेजी से पांव पसार रहा है। हालात इटली जैसे न हो जाएं लिहाजा प्रदेश सरकार ने सोमवार से पूरे प्रदेश में लॉकडाउन की घोषणा कर दी। इसके पीछे मकसद लोगों के बीच सामाजिक दूरी बनाना था, लेकिन पहले दिन लोगों ने इस व्यवस्था को फेल कर दिया।

जिला प्रशासन ने लोगों की जरूरी सामान मुहैया कराने के लिए प्रत्येक क्षेत्र की कुछ दुकानों को लॉकडाउन से छूट दी है। लेकिन, पहले दिन यह व्यवस्था कारगर साबित नहीं हुई। कुछ दुकानदारों ने होम डिलीवरी करने में असमर्थता जताई तो लोग बिना सोच समझे दुकानों की ओर दौड़ पड़े।
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प्रशासन के आश्वासन के बावजूद आज भी लोग खाद्य सामग्री व अन्य जरूरी वस्तुएं जुटाने में लगे रहे। इसके अलावा भी तमाम लोग बिना काम सड़कों पर घूमते रहे। लॉकडाउन के बावजूद घंटाघर पर एक समय जाम की स्थिति पैदा हो गई। पुलिस और प्रशासन ने सख्ती दिखाई तो कुछ ही देर में भीड़ छंट गई। सिलिंडर की होम डिलिवरी के आदेश के बावजूद गैस गोदामों पर लोगों की भीड़ लगी रही। घर के आसपास की दुकानों पर सब्जी उपलब्ध होने के बावजूद मंडी में लोगों का जमावड़ा लगा रहा।

पुलिस को बरतनी पड़ी सख्ती लॉकडाउन के बाद भी जब लोग अनावश्यक रूप से सड़कों पर घूमने से बाज नहीं आए तो पुलिस को सख्ती करनी पड़ी। पुलिस को जगह-जगह बैरिकेटिंग और चेकिंग अभियान चलाकर लोगों को घर भेजना पड़ा। कुछ जगह तो भीड़ जमा होने पर पुलिस को लाठी भी फटकारनी पड़ी।

लापरवाही से बुरे हो सकते हैं हालात प्रेमनगर अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. मुकेश सुन्द्रियाल का कहना है कि कोरोना वायरस का अभी दूसरा स्टेज चल रहा है। यदि हम अभी नहीं संभले तो हालत इटली से बुरे हो सकते हैं। इसलिए लोगों को इसके बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए और सरकार के हर आदेशोंका पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोग स्थिति की गंभीरता को नहीं समझ पा रहे हैं।

प्रशासन ने पांच जोन में बांटा शहर

लॉक डाउन में खाद्य आपूर्ति और कानून व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए शहर को पांच जोन में बांटा गया है। इसके लिए पुलिस क्षेत्राधिकारी के साथ एक प्रशासनिक अधिकारी को भी तैनात किया गया है। पुलिस क्षेत्राधिकारी पर कानून व्यवस्था और नामित जोनल अधिकारियों पर खाद्य आपूर्ति एवं अन्य आवश्यक सेवाओं को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी होगी।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि लॉक डाउन में लोगों को किसी प्रकार की समस्या न हो इसके लिए जोनल व्यवस्था की है। इसमें दो-दो थानों पर एक जोनल अधिकारी तैनात किया है। ये अधिकारी पुलिस क्षेत्राधिकारी के साथ मिलकर सारी व्यवस्थाएं देखेंगे। अभी तक देखने में आ रहा है कि लोग खाद्य आपूर्ति की कमी की बात सोचकर जल्दबाजी में लगे हैं। जबकि, जिले में इस तरह की कोई बात नहीं है। जहां तक कानून व्यवस्था की बात है तो इसके लिए जनपद पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। डीआईजी अरुण मोहन जोशी व उनकी टीम लगातार शहर के भ्रमण पर है।

इस तरह जोनवार बंटा शहर
जोन -नामित जोनल अधिकारी पदनाम
1-थाना कोतवाली शहर व वसंत विहार -अखिलेश कुमार मिश्रा जिला कार्यक्रम अधिकारी
2-थाना डालनवाला व राजपुर -यशवीर मल्ल एग्जीक्यूटिव इंजीनियर जल संस्थान
3- थाना नेहरू कॉलोनी व रायपुर -राजेंद्र पाल एग्जीक्यूटिव इंजीनियर जल संस्थान
4- थाना पटेल नगर का क्लिमेंट टाउन -राजेश यादव एग्जीक्यूटिव इंजीनियर निर्माण खंड लोक
निर्माण विभाग
5- थाना कैंट में प्रेम नगर -जफर खान, डीपीआरओ

ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह रहेगी व्यवस्था
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों व तहसील स्तर पर आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए संबंधित तहसील के उप जिला मजिस्ट्रेट के अलावा मसूरी थाना व क्षेत्र के लिए उप जिला मजिस्ट्रेट मसूरी को नामित किया गया है। यह अधिकारी इस काम में सहयोग के लिए अधिवास तहसीलदार पर तहसीलदार व एक नायब तहसीलदार को अपने स्तर से नामित करेंगे।

एफआरआई के संविदाकर्मियों का हंगामा

अंदर जाने के लिए एफआरआई में तैनात संविदा कर्मचारियों ने सोमवार को गेट पर हंगामा कर दिया। लेकिन, सुरक्षा अधिकारियों ने किसी को अंदर नहीं जाने दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी लिखित में दें कि वह लॉकडाउन तक बाहर नहीं आएंगे। काफी देर हंगामे के बाद केवल सफाई कर्मचारियों को अंदर जाने दिया गया। अन्य कर्मियों को लौटा दिया गया। एफआरआई में ट्रेनी आईएफएस में कोरोना के लक्षण पाए जाने के बाद पूरे एफआरआई परिसर को लॉक डाउन किया गया है।

हालत यह है कि परिसर में न तो किसी को घुसने दिया जा रहा है और न बाहर जाने दिया जा रहा है। सभी गेटों पर पुलिस तैनात है। परिसर में रह रहे परिवारों के लिए राशन और सब्जी की व्यवस्था अंदर ही की है। लेकिन कई कर्मचारी एफआरआई में संविदा पर है। सोमवार को वह ड्यूटी पर जाने के लिए घर से निकले, लेकिन उन्हें मुख्य गेट पर रोक दिया गया।

इस पर कर्मचारियों ने हंगामा कर दिया। सूचना पर मौके पर पहुंचे सुरक्षा अधिकारियों ने आदेश मिलने का हवाला देकर संविदाकर्मियों को शांत किया। बाद में केवल सफाई कर्मचारियों को अंदर जाने दिया गया। सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि या तो कर्मचारी यह लिखित में दें कि वह इसके बाद बाहर नहीं निकलेंगे या घर चले जाएं।
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वीडीओ व प्रधान रखेंगे बाहरी लोगों का हिसाब, हर दिन देंगे सूचना

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर भी मुस्तैदी बढ़ा दी गई है। इसके लिए ग्राम विकास अधिकारी व ग्राम प्रधान को गांव में बाहर से आने
वाले लोगों का हिसाब रखना होगा। इसके बाद इस रिपोर्ट को ग्राम प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी ही ब्लॉक विकास अधिकारी प्रेषित करेंगे।

दरअसल, लॉकडाउन के दौरान शहर के बॉर्डर पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में क्या हो रहा है इस बारे में ठीक-ठीक जानकारी नहीं मिल पा रही है। इसके लिए
अब निगरानी की तैयारी की गई है। जिला पंचायतराज अधिकारी जफर खान ने बताया कि गांव में प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) निगरानी करेंगे। गांव में बाहरी राज्यों से कौन कौन आया है इसको एक खास प्रारूप में दर्ज करना होगा। मसलन, व्यक्ति का नाम, आने का कारण, राज्य जहां से वह आ रहा है आदि। इस रिपोर्ट को ग्राम विकास अधिकारी प्रतिदिन खंड विकास अधिकारी को देंगे।
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