लॉक डाउन में खाद्य आपूर्ति और कानून व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए शहर को पांच जोन में बांटा गया है। इसके लिए पुलिस क्षेत्राधिकारी के साथ एक प्रशासनिक अधिकारी को भी तैनात किया गया है। पुलिस क्षेत्राधिकारी पर कानून व्यवस्था और नामित जोनल अधिकारियों पर खाद्य आपूर्ति एवं अन्य आवश्यक सेवाओं को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी होगी।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि लॉक डाउन में लोगों को किसी प्रकार की समस्या न हो इसके लिए जोनल व्यवस्था की है। इसमें दो-दो थानों पर एक जोनल अधिकारी तैनात किया है। ये अधिकारी पुलिस क्षेत्राधिकारी के साथ मिलकर सारी व्यवस्थाएं देखेंगे। अभी तक देखने में आ रहा है कि लोग खाद्य आपूर्ति की कमी की बात सोचकर जल्दबाजी में लगे हैं। जबकि, जिले में इस तरह की कोई बात नहीं है। जहां तक कानून व्यवस्था की बात है तो इसके लिए जनपद पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। डीआईजी अरुण मोहन जोशी व उनकी टीम लगातार शहर के भ्रमण पर है।
इस तरह जोनवार बंटा शहर
जोन -नामित जोनल अधिकारी पदनाम
1-थाना कोतवाली शहर व वसंत विहार -अखिलेश कुमार मिश्रा जिला कार्यक्रम अधिकारी
2-थाना डालनवाला व राजपुर -यशवीर मल्ल एग्जीक्यूटिव इंजीनियर जल संस्थान
3- थाना नेहरू कॉलोनी व रायपुर -राजेंद्र पाल एग्जीक्यूटिव इंजीनियर जल संस्थान
4- थाना पटेल नगर का क्लिमेंट टाउन -राजेश यादव एग्जीक्यूटिव इंजीनियर निर्माण खंड लोक
निर्माण विभाग
5- थाना कैंट में प्रेम नगर -जफर खान, डीपीआरओ
ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह रहेगी व्यवस्था
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों व तहसील स्तर पर आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए संबंधित तहसील के उप जिला मजिस्ट्रेट के अलावा मसूरी थाना व क्षेत्र के लिए उप जिला मजिस्ट्रेट मसूरी को नामित किया गया है। यह अधिकारी इस काम में सहयोग के लिए अधिवास तहसीलदार पर तहसीलदार व एक नायब तहसीलदार को अपने स्तर से नामित करेंगे।
अंदर जाने के लिए एफआरआई में तैनात संविदा कर्मचारियों ने सोमवार को गेट पर हंगामा कर दिया। लेकिन, सुरक्षा अधिकारियों ने किसी को अंदर नहीं जाने दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी लिखित में दें कि वह लॉकडाउन तक बाहर नहीं आएंगे। काफी देर हंगामे के बाद केवल सफाई कर्मचारियों को अंदर जाने दिया गया। अन्य कर्मियों को लौटा दिया गया। एफआरआई में ट्रेनी आईएफएस में कोरोना के लक्षण पाए जाने के बाद पूरे एफआरआई परिसर को लॉक डाउन किया गया है।
हालत यह है कि परिसर में न तो किसी को घुसने दिया जा रहा है और न बाहर जाने दिया जा रहा है। सभी गेटों पर पुलिस तैनात है। परिसर में रह रहे परिवारों के लिए राशन और सब्जी की व्यवस्था अंदर ही की है। लेकिन कई कर्मचारी एफआरआई में संविदा पर है। सोमवार को वह ड्यूटी पर जाने के लिए घर से निकले, लेकिन उन्हें मुख्य गेट पर रोक दिया गया।
इस पर कर्मचारियों ने हंगामा कर दिया। सूचना पर मौके पर पहुंचे सुरक्षा अधिकारियों ने आदेश मिलने का हवाला देकर संविदाकर्मियों को शांत किया। बाद में केवल सफाई कर्मचारियों को अंदर जाने दिया गया। सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि या तो कर्मचारी यह लिखित में दें कि वह इसके बाद बाहर नहीं निकलेंगे या घर चले जाएं।
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर भी मुस्तैदी बढ़ा दी गई है। इसके लिए ग्राम विकास अधिकारी व ग्राम प्रधान को गांव में बाहर से आने
वाले लोगों का हिसाब रखना होगा। इसके बाद इस रिपोर्ट को ग्राम प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी ही ब्लॉक विकास अधिकारी प्रेषित करेंगे।
दरअसल, लॉकडाउन के दौरान शहर के बॉर्डर पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में क्या हो रहा है इस बारे में ठीक-ठीक जानकारी नहीं मिल पा रही है। इसके लिए
अब निगरानी की तैयारी की गई है। जिला पंचायतराज अधिकारी जफर खान ने बताया कि गांव में प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) निगरानी करेंगे। गांव में बाहरी राज्यों से कौन कौन आया है इसको एक खास प्रारूप में दर्ज करना होगा। मसलन, व्यक्ति का नाम, आने का कारण, राज्य जहां से वह आ रहा है आदि। इस रिपोर्ट को ग्राम विकास अधिकारी प्रतिदिन खंड विकास अधिकारी को देंगे।