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Uttarakhand Lockdown: मां के साथ अस्पताल से दवाई लेकरलौटते समय बेहोश हुई किशोरी, मौके पर हुई मौत

Wed, 29 Apr 2020 12:19 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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मां के साथ दवा लेकर लौट रही एक किशोरी की मौत हो गई। किशोरी फरवरी से टीबी की मरीज बताई गई है। सड़क पर चलते समय किशोरी अचानक बेहोश हो गई। पुलिस उसे

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हॉस्पिटल ले गई, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। बिहार निवासी राजकुमार परिवार के साथ आईएसबीटी के पास रहते हैं। उनकी 12 साल की बेटी टीबी से पीड़ित थी। राजकुमार पत्नी और बेटी को सोमवार को बल्लूपुर के पास एक नर्सिंग होम में छोड़कर आए थे। शाम को दोनों टेस्ट कराकर पैदल ही घर लौट रहे थे।

जीएमएस रोड पर अचानक किशोरी की तबियत बिगड़ गई और वह बेहोश ही गई। मां के मदद मांगने पर एक वाहन चालक ने पुलिस को सूचना दी। वसंत विहार पुलिस किशोरी को महंत इंद्रेश अस्पताल लाई, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। थाना प्रभारी नत्थीलाल उनियाल ने बताया कि मां इतनी घबरा गई कि वह घर का पता तक नहीं बता पाई। पुलिस किसी तरह पता कर पिता को अस्पताल लाई। पुलिस ने शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। डीआईजी अरुण मोहन जोशी के निर्देश पर पुलिस ने पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद करने के साथ चंद्रबनी में शव का अंतिम संस्कार कराया।

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मनमानी कर रहे निजी स्कूल
लॉकडाउन के दौरान विकासनगर में पछवादून क्षेत्र के कुछ निजी स्कूल संचालक अभिभावकों पर उनके द्वारा अधिकृत दुकानों से किताबें खरीदने का दबाव बना रहे हैं। किताबों को संबधित दुकानों से खरीदने के लिए अभिभावकों को बाकायदा मोबाइल पर मैसेज भी भेजे जा रहे हैं। इसका अभिभावकों ने विरोध किया है। अभिभावकों का कहना है कि सरकार ने पूरे प्रदेश में कुछ किताबों को छोड़ कर एनसीईआरटी की किताबों को अनिवार्य किया है, इसके बावजूद कुछ स्कूल प्रबंधन अभिभावकों को मैसेज भेज एनसीईआरटी की किताबों को भी उनके द्वारा अधिकृत दुकानों से खरीदने का दबाव बना रहे हैं।

हरिद्वार से दो मरीज रिलीव
हरिद्वार के मेला अस्पताल से आज दो और कोरोना संक्रमित मरीजों को घर भेज दिया गया है। सीएमओ डॉ. सरोज नैथानी ने अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद दोनों मरीजों को रिलीव किया। महिला रुड़की के भगवान के मानकपुर माजरा की रहने वाली हैं। वहीं, दूसरा युवक हाथरस का मजदूर है। उसे प्रशासन ने हरिद्वार में ही एक होटल में क्वारंटीन कर दिया है। हरिद्वार में कुल सात कोराना पॉजिटव मामले थे। जिसमें से पांच ठीक हो गए हैं वहीं, दो मरीज अभी भर्ती हैं।

एक महिला में कोरोना संक्रमण की पुष्टि
एम्स ऋषिकेश में भर्ती एक महिला में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। अब राज्य में संक्रमित मामलों की कुल संख्या 52 हो गई है। बताया गया कि उक्त महिला 22 अप्रैल से एम्स में भर्ती है।

संक्रमित महिला नैनीताल की रहने वाली है। एम्स ऋषिकेश में कोरोना संक्रमण का यह दूसरा मामला है। इससे पहले एक नर्सिंग ऑफिसर में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। स्वास्थ्य महानिदेशक अमिता उप्रेती ने इस मामले की पुष्टि की है।

लॉकडाउन में युवकों को मस्ती पड़ी भारी
रानीखेत में लॉकडाउन में युवकों को मस्ती भारी पड़ी। ताड़ीखेत में कार खाई में गिर गई। पांच युवक मामूली घायल हुए हैं। पांचों के खिलाफ 188 में मुकदमा दर्ज किया गया है। सोमवार शाम को यह हादसा हुआ। जिसकी जानकारी मंगलवार सुबह प्राप्त हुई। 
 
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अब तक 33 मरीज ठीक

देहरादून जिले में सोमवार को कुल तीन मरीज अस्पताल से डिस्चार्ज हुए हैं। इसमें सेना अस्पताल में भर्ती संक्रमित महिला डॉक्टर भी शामिल हैं, जबकि दो मरीज दून अस्पताल से घर भेजे गए। इसके अलावा हरिद्वार जनपद में भी दो संक्रमित मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दी गई है। उत्तराखंड के हरिद्वार मेला अस्पताल में भर्ती सात कोरोना पॉजिटिव में से पांच मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। प्रदेश में अब तक 33 मरीज ठीक हो चुके हैं।

नेपाल में सात मई तक लॉकडाउन

पड़ोसी देश नेपाल ने सात मई तक लॉक डाउन बढ़ा दिया है। भारत-नेपाल सीमा भी नेपाल की ओर से सात मई तक सील रहेगी। ऐसे में भारतीय क्षेत्र में फंसे नेपाली नागरिकों को अपने वतन लौटने के लिए और इंतजार करना पड़ेगा। अकेले चंपावत जिले में 214 नेपाली नागरिक फंसे है, जो राहत कैंपों में ठहराए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री दिया सुझाव पड़ोसी राज्यों की सीमाएं नहीं खोली जाएं

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने तीन मई के बाद के हालात पर प्रधानमंत्री मोदी को सुझाव दिया कि पड़ोसी राज्यों के साथ सीमाएं नहीं खोली जाएं। उन्होंने पीएम से आग्रह किया है कि इंटर स्टेट बार्डर को तब तक सील रखा जाए, जब तक पड़ोसी राज्यों में हालात नहीं सुधरते।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों के साथ उत्तराखंड की सीमाएं हैं। यूपी के सीमांत जिलों में कोरोना के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे में अगर उत्तराखंड की सीमाएं खुलती हैं तो यूपी से होने वाली आवाजाही से प्रदेश में संक्रमण फैल सकता है।
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