इस शहर में करीब एक हजार भारतीय छात्र रह रहे हैं, जो हॉस्टल में रह रहे हैं, उनको बाहर आना मना है। कोरोना के डर से वे बेहद आशंकित हैं। मेडिकल छात्रों का कहना है कि उन्होंने दूतावास के साथ ही पीएम और अन्य मंत्रियों को ट्वीट किए हैं। इसके अलावा मेल भी किए गए हैं लेकिन अभी तक कोई रिस्पांस नहीं मिला है।
जावेद के भाई गुफरान निवासी प्रीत विहार ने बताया कि टरनोपिल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने वाले उनके भाई सहित अन्य कई भारतीय छात्र परेशान हैं। वे भारत आने की कोशिश कर रहे हैं और हम विभिन्न माध्यमों से उनको घर लाने की कोशिशों में जुटे हैं।
लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है। भारत सरकार से हमारी गुजारिश है कि इस मामले में हस्तक्षेप कर यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को वापस लाने की कार्यवाही करें। कहा कि इस संबंध में वे जिला प्रशासन से गुहार लगाएंगे।