वॉर रूम में तैनात एसीएमओ डॉ. बिपुल बिस्वास ने स्वीकारा कि उत्तरकाशी जिले के ग्रामीण इलाकों में भी कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। उन्होंने बताया कि गंभीर लक्षण वाले कोविड मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कर उनका उपचार किया जा रहा है, जबकि शेष लोगों को होम आइसोलेट कर मेडिकल किट देकर उपचार की व्यवस्था की गई है। डॉ. बिस्वास ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर में बीते 17 अप्रैल से अभी तक जिले में 29 कोविड मरीजों की मौत हुई है। इन सभी गंभीर रोगियों का अस्पताल में उपचार चल रहा था।
कर्णप्रयाग में 557 लोगों को लगे टीके, 30 सेकिंड में हुए 200 पंजीकरण
मंगलवार को पीजी कॉलेज कर्णप्रयाग में बने टीकाकरण सेंटर में 187, ट्रामा सेंटर में 110, गौचर में 130 और सिदोली में भी 130 लोगों को कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लगाई गई। सीएचसी के डॉ. राजीव शर्मा और डॉ. हरीश थपलियाल ने कहा कि युवाओं में टीकारकण को लेकर काफी उत्साह दिख रहा है। बुधवार (आज) को कॉलेज में 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों में लगने वाले टीकों के पंजीकरण के लिए 30 सेकेंड में 200 लोगों का स्लाट बुक हो गया था।
वहीं, राइंका गैरसैंण में लगे टीकाकरण कैंप में 18 से अधिक आयु वर्ग के 100 लोगों को कोविड-19 के टीके लगाए। सीएचसी की अधीक्षक डॉ. अनीता ने कहा कि सिराणा में 58 और लखेड़ी में 80 लोगों का कोविड टेस्ट के लिए सेंपल लिए गए हैं। इससे पूर्व भी लखेड़ी गांव में 30 अप्रैल व 4 मई को 50-50 लोगों के सेंपल लिए गये थे।
कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए क्षेत्र में उच्चधिकारियों के निर्देशन में हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। जिन गांवों में कोरोना संक्रमित लोग चिन्हित हैं प्राथमिकता के आधार पर उन गावों में पहले सैंपलिंग की जायेगी। बुधवार को जिन्गोड़, रामड़ा और घंडियाल में सैंपल लेंगे।