स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जब यात्रियों की आरटीपीसीआर रिपोर्ट को स्कैन किया और फर्जीवाड़ा उजागर हुआ तो लाइन में खड़े कई यात्रियों ने अपनी फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट फाड़ डाली। अधिकारियों ने जब फाड़कर फेंके गए कागजों की जांच की तो पता चला कि वह फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम में सभी यात्रियों की दोबारा इन रिपोर्ट की जांच की।
जांच केंद्र पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की मांग
नोडल अधिकारी डॉ. एक्यू अंसारी ने मांग की है कि जहां पर यात्रियों की आरटीपीसीआर, एंटीजन जांच की जा रही है, वहां पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए। ताकि, फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट के साथ यात्रियों के पकड़े जाने पर उन्हें पुलिस को सौंपा जा सके और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।