फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड: कोरोना पर कैसे लगेगी लगाम, फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट के साथ देहरादून पहुंच रहे सैलानी

Tue, 13 Jul 2021 09:24 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

सरकार की ओर से छूट दिए जाने के बाद बड़ी संख्या में यात्री उत्तराखंड की ओर रुख कर रहे हैं। किन कई ऐसे यात्री भी हैं जो फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट लेकर आ रहे हैं।
विज्ञापन
कोरोना की जांच - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरोना का असर कम होने के बाद विभिन्न राज्यों के पर्यटक बड़ी संख्या में फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट के साथ दून पहुंच रहे हैं। आशारोड़ी चेकपोस्ट पर मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम में ऐसे 25 यात्रियों को पकड़ा। टीम ने सभी की आरटीपीसीआर और एंटीजन जांच की। साथ ही चेतावनी भी दी कि यदि दोबारा ऐसा किया तो उनके खिलाफ आपदा एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

विज्ञापन


आशारोड़ी चेकपोस्ट पर तैनात स्वास्थ्य विभाग की टीम के प्रभारी डॉ. एक्यू अंसारी ने बताया कि सरकार की ओर से छूट दिए जाने के बाद बड़ी संख्या में यात्री उत्तराखंड की ओर रुख कर रहे हैं। इसमें हरियाणा, नई दिल्ली, राजस्थान जैसे राज्यों के यात्रियों की संख्या ज्यादा है, लेकिन कई ऐसे यात्री भी हैं जो फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट लेकर आ रहे हैं।

उत्तराखंड में कोरोना: मंगलवार को 44 नए संक्रमित मिले, एक भी मरीज की मौत नहीं 
विज्ञापन


डॉ. अंसारी ने बताया कि मंगलवार को 25 यात्रियों को पकड़ा गया। जब इनकी आरटीपीसीआर रिपोर्ट को स्कैन किया गया तो पता चला कि रिपोर्ट फर्जी है। सभी यात्रियों की दोबारा आरटीपीसीआर जांच करने के बाद उन्हें दून में प्रवेश की अनुमति दी गई। 

एक ही एसआरएफ आईडी पर जारी कर दी गईं कई फर्जी रिपोर्ट 
नोडल अधिकारी डॉ. अंसारी के मुताबिक यात्रियों द्वारा मुहैया कराई गई आरटीपीसीआर को स्कैन करने पर पता चला कि एक ही एसआरएफ आईडी पर कई लोगों को फर्जी रिपोर्ट जारी कर दी गई है। जबकि, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रावधानों के मुताबिक एक एसआरएफ आईडी पर सिर्फ एक ही व्यक्ति को रिपोर्ट जारी की जा सकती है।

विज्ञापन

पकड़ी गई करतूत तो फाड़ डाली फर्जी रिपोर्ट

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जब यात्रियों की आरटीपीसीआर रिपोर्ट को स्कैन किया और फर्जीवाड़ा उजागर हुआ तो लाइन में खड़े कई यात्रियों ने अपनी फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट फाड़ डाली। अधिकारियों ने जब फाड़कर फेंके गए कागजों की जांच की तो पता चला कि वह फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम में सभी यात्रियों की दोबारा इन रिपोर्ट की जांच की।

जांच केंद्र पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की मांग 
नोडल अधिकारी डॉ. एक्यू अंसारी ने मांग की है कि जहां पर यात्रियों की आरटीपीसीआर, एंटीजन जांच की जा रही है, वहां पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए। ताकि, फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट के साथ यात्रियों के पकड़े जाने पर उन्हें पुलिस को सौंपा जा सके और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें