कोरोना की आशंकित तीसरी लहर में बच्चों के इलाज में स्वास्थ्य विभाग निजी अस्पतालों के बालरोग विशेषज्ञों की सेवाएं लेगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बाल रोग विशेषज्ञों को चिह्नित करने में जुटे हैं। अब तक 78 डॉक्टरों को चिह्नित किया जा चुका है। जरूरत पड़ने पर राजधानी समेत ऋषिकेश, मसूरी, विकासनगर में छोटे-छोटे क्लीनिक के जरिए बच्चों का इलाज कर रहे 50 बालरोग विशेषज्ञों की भी सेवाएं ली जाएंगी।
नोडल अधिकारी डॉक्टर दिनेश चौहान ने बताया कि फिलहाल जिले में तमाम सरकारी और निजी अस्पतालों के साथ ही क्लीनिक संचालित करने वाले 199 बालरोग विशेषज्ञों की सूची स्वास्थ्य महानिदेशालय को भेजी गई है।
विभागीय अधिकारियों ने बालरोग विशेषज्ञों का ब्यौरा जुटाने के साथ ही पैरामेडिकल, स्टाफनर्स और अस्पतालों में उपलब्ध नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट और पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट के बारे में भी तमाम जानकारियां जुटाई हैं। साथ ही अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपने बच्चों का खानपान का खास ख्याल रखें ताकि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाया जा सके।