विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रशासन ने व्यवस्थाएं न संभाली होती तो यहां भी नासिक (महाराष्ट्र) की जैसी घटना हो सकती थी।बता दें कि नासिक में ऑक्सीजन की समुचित आपूर्ति न होने की वजह से करीब 24 मरीजों की जान चली गई। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि ऑक्सीजन के मसले पर पूरी तरह से नियम बनाए हुए हैं। किसी भी तरह की दिक्कत आने पर तुरंत उसका समाधान किया जा रहा है।
24 घंटों में जिले में गई 11 लोगों की जान
देहरादून जिले में मौत का आंकड़ा थम नहीं रहा है। संक्रमित मरीजों के मौत को लेकर चिंता बनी हुई है। कहीं बेड न मिलने और कहीं वेंटिलेटर न होने के कारण भी लोग मौत का शिकार हो रहे हैं। बुधवार को देहरादून जिले में 11 कोरोना संक्रमितों की मौत हो गई। वहीं कुल 1876 लोग संक्रमित मिले हैं।