इसके लिए अस्पताल में अलग से वार्ड होना चाहिए। जिसमें प्रवेश और निकासी द्वार अलग-अलग हो। आपातकालीन सेवा में 24 घंटे डॉक्टर व पैरा मेडिकल स्टाफ की सेवाएं, आईसीयू, आइसोलेशन वार्ड में ऑक्सीजन के साथ ही कोविड मरीजों के लिए अलग से एंबुलेंस की व्यवस्था जरूरी है।
प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए सरकार ने सरकारी अस्पतालों की श्रेणी बनाई थी। जिसमें डेडीकेट कोविड अस्पताल, डेडीकेट कोविड हेल्थ सेंटर, जिला स्तर पर कोविड केयर सेंटर शामिल हैं।
वर्तमान में प्रदेश के सभी संक्रमित मरीजों का इलाज अधिकृत सरकारी अस्पतालों में किया जा रहा है। लेकिन अब नई व्यवस्था से सरकारी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के इलाज का दबाव कम होगा।