प्रदेश सरकार की सख्ती के बाद सरकारी और निजी अस्पतालों में कई दिनों पहले हुई कोरोना मरीजों की मौत की हकीकत सामने आने लगी है। बृहस्पतिवार को निजी अस्पतालों ही नहीं सरकारी अस्पतालों में 79 कोरोना मरीजों की मौत का खुलासा हुआ है। जो कई दिन पहले हुई थी, लेकिन अस्पतालों ने इनकी डेथ ऑडिट की सूचना राज्य कोविड कंट्रोल रूम को नहीं दी थी।
प्रदेेश में कोरोना मरीजों की मौत थम नहीं रही है। अब तक प्रदेश में 5484 कोरोना मरीज दम तोड़ चुके हैं। वर्तमान में प्रदेश की मृत्यु दर 1.74 प्रतिशत है। जो राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है। प्रदेश के सरकारी और निजी अस्पताल कोरोना मरीजों की मौत की सूचना समय पर राज्य कोविड कंट्रोल रूम को नहीं दे रहे हैं। जबकि सरकार की ओर से 24 घंटे के भीतर डेथ ऑडिट रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए।
14 मई को हरिद्वार के बाबा बर्फानी अस्पताल में 65 लोगों की पहले ही मौत होने का खुलासा हुआ था। कोरोना मरीजों की मौत की जानकारी छिपाने को गंभीरता से लेते हुए 15 मई को सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी ने सख्त आदेश जारी किया था। जिसमें कोरोना मरीजों की मौत की सूचना समय पर नहीं देने वाले अस्पतालों के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक व चिकित्सा अधीक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। अब सरकार की सख्ती के बाद सरकारी व निजी अस्पताल पूर्व में हुई कोरोना मरीजों की मौत की सूचना देने लगे हैं।
राज्य कोविड कंट्रोल रूम में चीफ ऑपरेटिंग आफिसर डॉ. अभिषेक त्रिपाठी का कहना है कि सरकार की सख्ती के बाद अस्पताल पूर्व में हुई कोरोना मरीजों की मौतों की सूचना बता रहे हैं। शासन की ओर से सभी सीएमओ को समय पर सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी कोई अस्पताल मौत की जानकारी छिपाता है तो मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।