प्रदेश में इस वक्त 558 कंटेनमेंट जोन हैं। इनमें अल्मोड़ा में 21, बागेश्वर में दो, चमोली में 16, चंपावत में 38, देहरादून में 119, हरिद्वार में 48, नैनीताल में 55, पौड़ी में 21, पिथौरागढ़ में नौ, रुद्रप्रयाग में 24, टिहरी में 57, ऊधमसिंह नगर में 55 और उत्तरकाशी में 93 कंटेनमेंट जोन शामिल हैं।
दून अस्पताल में बनेंगे बच्चों के लिए ऑक्सीजन युक्त 100 बेड
कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों में अधिक संक्रमण की आशंका को देखते हुए राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बच्चों के आईसीयू और ऑक्सीजन के बेड बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इस कड़ी में जल्द ही ऑक्सीजन युक्त बेड की संख्या 70 से बढ़कर 100 कर दी जाएगी।
अभी राजकीय दून मेडिकल अस्पताल के बच्चा वार्ड में ऑक्सीजन युक्त 22 बेड पूरी तरह से संचालित हो रहे हैं। जबकि बच्चों के आठ आईसीयू बेड और नवजात बच्चों के लिए 22 निक्कू बेड हैं। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में अचानक बढ़े मरीजों की संख्या और उसकी तुलना में स्वास्थ्य सुविधाओं में कमी पड़ने के साथ ही मौतों का आंकड़ा बढ़ने के चलते राज्य से लेकर केंद्र सरकार बच्चों में संक्रमण बढ़ने की आशंका के मद्देनजर सतर्क है।
मेडिकल कॉलेज अस्पताल और अन्य अस्पतालों को भी लगातार दिशा निर्देश मिल रहे हैं कि अगर बच्चों में अचानक कोरोना की तीसरी लहर का संक्रमण बढ़ता है तो उसके लिए क्या-क्या तैयारियां की जा सकती हैं। बाकायदा इसका लगभग रोजाना इनपुट सरकार को भेजा जा रहा है।
इसी क्रम में राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केसी पंत, उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एनएस खत्री, बाल रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार समेत अन्य डॉक्टरों, प्रशासनिक व तकनीकी अधिकारियों के साथ अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण कर बैठक ले रहे है।
डॉ. सयाना ने बताया कि अस्पताल में बच्चों के लिए ऑक्सीजन युक्त 48 अतिरिक्त बेड तैयार हो गए हैं। इन्हें जरूरत पड़ने पर कभी भी संचालित किया जा सकता है। इसके साथ ही बच्चों के 30 अतिरिक्त आईसीयू बेड और निक्कू में भी 10 बेड बढ़ाने के लिए पूरी तैयारी चल रही है। इसके लिए वार्ड चिह्नित किए जा रहे हैं।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में भर्ती 94 वर्षीय पर्यावरणविद सुंदलाल बहुगुणा को कोविड निमोनिया हुआ है। सिपेप मशीन सपोर्ट पर उनका ऑक्सीजन सेचूरेशन लेवल 86 फीसदी पर आ गया है। चिकित्सक उनके ब्लड शुगर लेवल और ऑक्सीजन लेवल को मेंटेन करने में जुटे हैं।
एम्स ऋषिकेश के जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल ने बताया कि सुंदरलाल बहुगुण को कोविड निमोनिया हुआ है। उन्होंने बताया कि उनको सिपेप ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। सिपेप सपोर्ट के बाद उनका ऑक्सीजन लेवल फिलहाल 86 फीसदी पर है।
उन्होंने बताया कि वह डायबिटीज के मरीज हैं। थपलियाल ने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने इलेक्ट्रोलाइट्स और लीवर फंक्शन टेस्ट के बाद उनके ब्लड शुगर की जांच और निगरानी की सलाह दी है। चिकित्सकों की टीम उनके स्वास्थ्य पर निगरानी बनाए हुए है।