फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देहरादून: मुक्तिधाम में अस्थियों से फुल होने लगे लॉकर, कर्फ्यू के कारण विसर्जन के लिए अस्थियां नहीं ले जा पा रहे लोग 

Sun, 16 May 2021 10:51 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

देहरादून में अंतिम संस्कार के बाद कई लोगों के अस्थि कलश श्मशान घाट में ही लॉकरों में रखे हुए हैं। कर्फ्यू के कारण लोग अस्थि विजर्सन की राह देख रहे हैं।
विज्ञापन
अस्थि कलश से फुल हुए लॉकर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिंदू धर्म के अनुसार पवित्र नदी में अस्थि विसर्जन करने का बड़ा महत्व है। लेकिन 26 अप्रैल से प्रदेश सरकार की ओर से लगाए कोविड कर्फ्यू के चलते लोग अस्थि विसर्जन के लिए हरिद्वार नहीं जा पा रहे हैं। जिसके चलते लक्खीबाग स्थित मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार होने के बाद रखी गई अस्थियों से सभी 18 लॉकर फुल हो गए हैं।

विज्ञापन


उत्तराखंड में कोरोना: 24 घंटे में सामने आए 4496 नए संक्रमित, 188 मरीजों की हुई मौत

ऐसे में अस्थियों को बोरों में रखा जा रहा है। लक्खीबाग स्थित मोक्षधाम में सामान्य मृतकों के शव का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। बीते कुछ दिन से यहां रोजाना करीब 20 शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है।
विज्ञापन


ऋषिकेश: घाटों पर गंगा में गिर रहे कोरोना संक्रमित शवों के अवशेष, बहाई जा रही अधजली राख, तस्वीरें...

ऐसे में लोग अंतिम संस्कार कराने के बाद अस्थियों को मोक्षधाम के लॉकर में सुरक्षित रख रहे हैं। हालांकि कुछ लोग पंडितों की सलाह पर आसपास की नदियों में ही अस्थियों का विसर्जन कर रहे हैं।

विज्ञापन

समिति ने किया विसर्जन

लक्खीबाग मुक्तिधाम की संचालक समिति शिवाजी सेवा समिति के मंत्री विनोद गोयल ने बताया कि करीब 15 दिन बीत जाने के बाद भी कोई अस्थियां लेने नहीं आया तो समिति की ओर से एक सप्ताह पहले दो बोरे में रखी सभी अस्थियों को हरिद्वार जाकर विसर्जन किया गया। हालांकि लॉकर में रखी अस्थियां सुरक्षित हैं। 

मालदेवता, टपकेश्वर में कर रहे विसर्जन
कोविड कर्फ्यू के चलते हरिद्वार नहीं जा पा रहे लोग मालदेवता और टपकेश्वर नदी में अस्थि विसर्जन कर रहे हैं। पंडित विनोद जोशी ने बताया कि अंतिम संस्कार के दस दिन बाद अस्थि विसर्जन करने की मान्यता होती है। ऐसे में लोग आसपास की नदियों में ही अस्थियों का विसर्जन कर रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें