टोकन मिलने के बाद ही उन्हें प्रदेश की सीमा में प्रवेश दिया जा रहा है। नारसन बॉर्डर पर तैनात डॉ. विवेक गर्ग ने बताया कि शासन और प्रशासन के निर्देशों पर बॉर्डर पर बाहर से आने वालों के कोरोना सैंपल लिए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि रोजाना 200 से 300 लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार को बॉर्डर पर बाहर से आने वाले 372 लोगों के सैंपल लिए गए हैं। इन लोगों को रिपोर्ट नहीं आने तक घर में ही रहने की सलाह दी जा रही है।
नारसन बॉर्डर पर दिल्ली के नंबर प्लेट लगे वाहनों पर जवानों की पैनी नजर है। दिल्ली की गाड़ी नंबर को नारसन बॉर्डर पर रोका जा रहा है। साथ ही उनका कोरोना टेस्ट कराया जा रहा है। इन लोगों के सैंपल लेने के साथ ही संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित किया जा रहा है ताकि इन लोगों पर नजर रखी जा सके।
नई दिल्ली समेत अन्य राज्यों में दोबारा कोरोना संक्रमण बढ़ने से परिवहन निगम की बसों में यात्रियों की संख्या में कमी आई है। साथ ही परिवहन निगम की आमदनी पर भी असर दिखाई देने लगा है। हालांकि, निगम अधिकारियों का कहना है कि अभी यात्रियों की संख्या में बहुत कमी नहीं आई है, लेकिन जिस तरह की परिस्थितियां हैं, इससे न सिर्फ यात्रियों की संख्या तेजी से गिरेगी, वरन दैनिक कमाई पर भी खासा असर पड़ेगा।
बता दें कि कोरोना संकट के बीच फिलहाल यूपी, पंजाब, हरियाणा के साथ ही नई दिल्ली के लिए बसों का संचालन किया जा रहा है। अभी 750 बसें संचालित की जा रही हैं, लेकिन जिस तरीके से कोरोना ने दोबारा पांव पसारना शुरू कर दिया है उसका असर परिवहन निगम पर दिखाई देने लगा है।
निगम के एक अधिकारी का कहना है कि देहरादून से नई दिल्ली जाने वाली बसों में यात्रियों की संख्या में कमी आई है, जो गंभीर आर्थिक संकटों से गुजर रहे परिवहन निगम प्रबंधन के लिए राहत देने वाली बात नहीं है।
वहीं, महाप्रबंधक दीपक जैन का कहना है कि दीपावली के आसपास निगम की बसों में यात्रियों की खासा भीड़ रही। जहां तक कमाई का सवाल है तो फिलहाल औसतन डेढ़ करोड़ रुपये दैनिक कमाई हो रही थी, लेकिन अब जबकि कोरोना नए सिरे से फैल रहा है तो इसका असर पड़ना लाजिमी है।
अंतरराज्यीय बसों के संचालन पर रोक की चर्चाएं तेज
नई दिल्ली समेत तमाम इलाकों में कोरोना फैलने की खबरों के बीच परिवहन निगम अधिकारियों, कर्मचारियों में इस बात की भी चर्चाएं हैं कि अंतरराज्यीय बसों के संचालन पर दोबारा रोक लगाई जा सकती है। हालांकि, इस संबंध में जब महाप्रबंधक दीपक जैन से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि बसों के अंतरराज्यीय संचालन के संबंध में अंतिम निर्णय सरकार-शासन के स्तर पर ही लिया जा सकता है। परिवहन निगम मुख्यालय की इसमें कोई भूमिका नहीं है। सरकार-शासन जो भी निर्णय लेगा, उसे लागू कराया जाएगा।