सरकार कोविड-19 का प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन करेगी। अर्थ एवं संख्या निदेशालय ने वर्ष 2020-21 के आर्थिक सर्वे में इस मामले को प्रमुखता से लिया है। प्रदेश के बजट सत्र में ही अर्थ एवं संख्या निदेशालय की ओर से तैयार किए जाने वाले आर्थिक सर्वे को सदन के पटल पर रखा जाता है।
इस सर्वे के जरिए प्रदेश सरकार अर्थव्यवस्था की स्थिति को भी सामने रखती है। इस बार के आर्थिक सर्वे में कोरोना-19 के कारण अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव का मुख्य रूप से आकलन किया जाएगा।
नियोजन विभाग के मुताबिक कोविड-19 के कारण प्रदेश की अर्थव्यवस्था हर स्तर पर प्रभावित हुई है। प्रदेश की जीडीपी में भी भारी कमी दर्ज की गई है और औद्योगिक क्षेत्र खासा प्रभावित हुआ है। ऐसे में कोविड-19 के प्रभाव का आकलन करना जरूरी है।
आर्थिक सर्वे में कोविड-19 संक्रमण का दौर जारी रहने पर प्रदेश सरकार अब तक के अनुभव के आधार पर तैयार किया जाने वाला रोडमैप एक खास हिस्सा होगा। अभी तक यह भी सामने आया है कि प्रदेश सरकार का स्वास्थ्य पर खर्च कम रहता आया है। इससे कोविड के दौरान प्रदेश सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अधिक बजट का प्रबंध भी करना पड़ा। इसके साथ ही प्रदेश सरकार का विकास के लिए बजट कम रहता है और इसका नुकसान भी राज्य को अब तक उठाना पड़ा है। ऐसे में कोविड के दौर में फोकस क्षेत्र का भी आर्थिक सर्वे में स्पष्ट रूप से उल्लेख करना होगा।
अन्य राज्यों के श्रेष्ठ प्रदर्शन का भी जिक्र होगा
आर्थिक सर्वे में यह भी सामने आएगा कि कोविड-19 से निपटने के लिए अन्य राज्यों का श्रेष्ठ प्रदर्शन क्या रहा। नियोजन विभाग के मुताबिक यह भी देखा जाना जरूरी है कि उपलब्ध संसाधनों का अन्य राज्यों से किस तरह से उपयोग किया और उत्तराखंड में किस तरह। आर्थिक सर्वे में तुलनात्मक रूप से यह रिपोर्ट सामने रखी जाएगी।