कोरोना महामारी को देखते हुए इस साल कोटद्वार के प्रसिद्ध बूंखाल कालिंका मेले का आयोजन नहीं किया जाएगा। मंदिर समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने एसडीएम चाकीसैंण को अपने निर्णय के बारे में बताया और ज्ञापन सौंपा।
साथ ही कहा कि मंदिर में हर मंगलवार व शनिवार को बलि दी जाती है इस पर रोक लगाई जाए। इसको देखते हुए एसडीएम ने बूंखाल मंदिर में हर मंगलवार और शनिवार को पुलिस और होमगार्ड के जवान तैनात करने के निर्देश दिए हैं।
शनिवार को बूंखाल मंदिर समिति के अध्यक्ष गजे सिंह, मुख्य पुजारी सुरेंद्र गोदियाल, सचिव विनोद गोदियाल और प्रधान रेखा देवी की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने चाकीसैंण तहसील में एसडीएम जितेंद्र वर्मा से मुलाकात की।
उन्होंने बताया कि कोरोना काल में शासन ने भीड़ एकत्र करने पर रोक लगाई है, जिसके कारण इस साल मेले का आयोजन नहीं करने का निर्णय लिया है। समिति ने मेले के आयोजन को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने पर कड़ी नाराजगी जताई।
कहा कि कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर पांच दिसंबर को मेले के आयोजन की बात कही जा रही है, जो गलत है। उन्होंने झूठी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही हर मंगलवार व शनिवार को मंदिर में बलि दिए जाने पर रोक लगाने की मांग भी की।
प्रभारी तहसीलदार चाकीसैंण गिरीश पोखरियाल और प्रभारी तहसीलदार थलीसैंण राजेंद्र ममगाईं ने बताया कि ग्रामीणों और समिति के पदाधिकारियों के साथ हुई वार्ता के बाद मंदिर परिसर में पुलिस और होमगार्ड के जवान तैनात करने का निर्णय लिया गया है। इस अवसर पर राकेश गोदियाल, उत्तम सिंह, धीरज सिंह, कंचन देवी आदि ग्रामीण उपस्थित थे।