कोविड-19 के खतरे के चलते अभिभावक अभी बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं। खुलने के बाद से निजी स्कूलों में बच्चों की संख्या लगातार घट रही है। इस पर कुछ स्कूलों ने शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर दिशा-निर्देश मांगे हैं।
बता दें, निजी स्कूलों ने अभिभावकों से बच्चों को भेजने के संबंध में राय पूछी तो ज्यादातर ने इनकार कर दिया है। इसके बावजूद कुछ स्कूल खुले, लेकिन छात्र संख्या लगातार घट रही है। ब्राइटलैंड स्कूल ने मुख्य शिक्षा अधिकारी आशारानी पैन्यूली को पत्र भेजकर दिशा निर्देश मांगे हैं। स्कूल के अनुसार केवल आठ से 10 फीसदी अभिभावक ही बच्चों को भेजने के लिए तैयार हैं। इतनी कम छात्र संख्या में स्कूल चला पाना बेहद मुश्किल है।
इसलिए ऑनलाइन पढ़ाई ही जारी रखना चाहते हैं। चिल्ड्रंस एकेडमी में केवल एक छात्र के लिए कक्षाएं चलाई जा रही है। शुरुआत में हाईस्कूल के तीन और इंटरमीडिएट के दो छात्रों ने स्कूल आने पर सहमति जताई थी, लेकिन केवल एक ही छात्र आया।
प्रिंसिपल प्रोग्रेसिव स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम कश्यप ने बताया कि जिन स्कूलों में शुरुआत में 10 बच्चे आ रहे थे, वहां अब भी छात्र संख्या घटकर एक-दो ही रह गई है। मुख्य शिक्षा अधिकारी आशारानी पैन्यूली ने बताया कि प्राइवेट स्कूलों की तरफ से कम छात्र संख्या को लेकर जानकारी दी जा रही है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित हैं। हालांकि दीपावली के बाद छात्रों की संख्या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।