उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के लिहाज से बीता सप्ताह बेहद ही खराब रहा। कोविड जांच बढ़ने के साथ ही संक्रमित मामले बढ़े हैं। 24 अक्तूबर के बाद एक सप्ताह में सबसे अधिक 68 कोरोना मरीजों की मौत हुई है। जबकि ठीक होने वाले मरीजों की संख्या में गिरावट आई है।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण का पहला मामला 15 मार्च को मिला था। तब से कोरोना काल को 259 दिन बीत गए हैं। सर्दी बढ़ने के कारण प्रदेश में फिर से कोरोना संक्रमण में तेजी आने लगी है। 37 वें सप्ताह में 22 से 28 नवंबर तक प्रदेश में 79517 लोगों की कोविड जांच की गई है, इनमें से 3161 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। पिछले सप्ताह की तुलना में स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संक्रमण रोकथाम के लिए जांच बढ़ाई है।
जिसके साथ ही संक्रमित मामले भी बढ़े हैं। बीते सप्ताह में 68 कोरोना मरीजों की मौत हुई है। वहीं, साप्ताहिक रिकवरी दर में कमी दर्ज की गई है। 36 वें सप्ताह में 2955 संक्रमित मरीज ठीक हुए थे। जबकि बीते सप्ताह में 2346 मरीज स्वस्थ हुए हैं। वर्तमान में ठीक होने वाले मरीजों की तुलना में संक्रमितों की संख्या ज्यादा है।
कोरोना आंकड़ों का अध्ययन कर रहे सोशल डवलपमेंट फॉर कम्यूनिटी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल का कहना है कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सरकार की ओर से हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन लोगों को कोरोना से खुद की सुरक्षा का ख्याल रखना होगा। वर्तमान में संक्रमित मामलों के साथ कोरोना मरीजों की मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है। सर्दी बढ़ने के कारण संक्रमण बढ़ने की आशंका है। इसके लिए लोगों को जागरूक व सतर्क रखने की आवश्यकता है।
जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. तेज प्रताप सपरिवार कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। उन्होंने इस आशय की जानकारी देकर परिवार सहित खुद को तराई भवन में ही आइसोलेट कर लिया है।
कुलपति के ओएसडी भास्कर तिवारी ने बताया कि डॉ. प्रताप को बुखार की शिकायत पर उनका, पत्नी, दो बेटियों सहित भतीजी का सैंपल लिया गया था। शनिवार को आई जांच रिपोर्ट में पांचों लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।
हालांकि सभी की हालत में सुधार है, फिर भी डॉ. प्रताप ने एहतियातन परिवार सहित स्वयं को आइसोलेट कर लिया है। पंतनगर में अब तक उप निदेशक निर्माण इंजीनियर सावित्री भट्ट, कुल सचिव कार्यालय के पांच कर्मियों सहित कुल 11 केस एक्टिव थे। अब यह संख्या बढ़कर 16 हो गई है।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के लिए फिर से कंटेनमेंट जोन बनाए जा रहे हैं। तीन जिलों में नौ कंटेनमेंट जोन घोषित किए गए हैं। दो सप्ताह पहले प्रदेश कंटेनमेंट जोन से मुक्त हो गया था।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसारदेहरादून, पौड़ी और टिहरी जिले में नौ कंटेनमेंट जोन हैं। इनमें देहरादून में 7, पौड़ी व टिहरी जिले में 1-1 कंटेनमेंट जोन हैं। केंद्र व राज्य सरकार की ओर से जारी गाइड लाइन के अनुसार कोरोना संक्रमण रोकने के लिए घोषित कंटेनमेंट जोन में आवश्यक सेवाओं को छोड़ कर बाकी सभी तरह की गतिविधियों पर रोक है।