नई टिहरी में कोरोना महामारी के दौरान भी स्वास्थ्य विभाग अपनी जिम्मेदारियों से भागता नजर आ रहा है। विभाग न तो क्वारंटीन किए गए लोगों की नियमित जांच कर पा रहा है और न ही क्वारंटीन पीरियड पूरा होने के बाद किसी की जांच की जा रही है।
स्थिति यह है कि 14 दिन का क्वारंटीन पूरा करने वालों को पीएचसी में बुलाने के बाद भी उन्हें बगैर जांच के ही स्वास्थ्य प्रमाण पत्र देने की खानापूर्ति की जा रही है।
थौलधार ब्लाक में बरनू के प्रधान वीरेंद्र कुमार ने बताया कि गांव में चानर लड़कों का 14 दिन का क्वारंटीन पीरियड समाप्त होने से पहले ही आशा वर्कर के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई, लेकिन दो दिन बाद भी जब कोई स्वास्थ्य कर्मी नहीं पहुंचा तो वह बगैर जांच के ही घर निकल गए।
14 दिन बाद चाह गडोलिया के विकास को भी पीएचसी नंदगांव बुलाया गया, लेकिन वहां भी स्वास्थ्य जांच किए बगैर ही प्रमाणपत्र थमा दिया गया। सीएमओ डॉ. मीनू रावत ने कहा कि क्वारंटीन किए गए लोगों की स्वास्थ्य जांच को कहा गया है। बावजूद टीम नहीं जा रही है, तो सभी चिकित्साधिकारियों को फिर से नियमित जांच करने के निर्देश दिए जाएंगे।