पर्यटन राज्य होने के कारण उत्तराखंड के सामने दोहरी चुनौती है। अगले 75 दिनों में त्योहारों की धूम रहने वाली है। 17 अक्तूबर से नवरात्र शुरू होंगे। उसके बाद दशहरा, दीवाली, छठ पूजा, ईद और यह उत्सव नए वर्ष के जश्न तक जारी रहेंगे। पूरे देश में त्योहारी सीजन पर छुट्टियां मनाने लोग उत्तराखंड आएंगे। अनलॉक-पांच में उत्तराखंड ने पर्यटकों और श्रद्धालुओं के दरवाजे खोल दिए हैं। जाहिर है कि कोरोना का खतरा बढ़ जाएगा।
बढ़ती सर्दी संक्रमण का बड़ा खतरा
उत्तराखंड राज्य के सामने दूसरा सबसे बड़ा खतरा सर्दी का मौसम है। विशेषज्ञों का मानना है की शीत ऋतु में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए इस सीजन में खास एहतियात बरतने की जरूरत है।
इसलिए जागरूकता आंदोलन की है जरूरत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जिस तरह से कोरोना संक्रमण से बचाव को जन जागरूकता के आंदोलन पर जोर दे रहे हैं। इसकी वजह त्योहारी सीजन में कोरोना की चुनौती है।
वे जानते हैं कि यदि सामाजिक दूरी, मास्क लगाने की आदत में ढील बरती गई तो कोरोना का खतरा बढ़ जाएगा। वीडियो संदेश, इश्तहारों, सरकारी दफ्तरों में शपथ दिला कर प्रदेश सरकार लोगों को जागरूक करने का प्रयत्न कर रही है। लेकिन यह सब कुछ आम नागरिकों के खुद की सजगता पर निर्भर करेगा कि वे कितने सजग रहते हैं।
केरल के पचास दिनों के कोरोना केस के तुलनात्मक आंकड़ों से जो तस्वीर सामने आई वह विस्फोटक है। उत्तराखंड राज्य के लिए यह एक सीख हो सकती है। इन आंकड़ों के जरिये लोग यह समझ सकते हैं कि लापरवाही बरतने से हमारे राज्य के सामने कितनी मुश्किल खड़ी हो सकती है। इसलिए किसी भी सूरत में हमें त्योहारों और उत्सवों की धूम में अपनी जिम्मेदारी को नहीं भूलना है।
- अनूप नौटियाल, संस्थापक, सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटीज फाउंडेशन
अगस्त केस/ मृत्यु
22 2172/ 15
23 1908/05
24 1242/11
25 2375/10
सितंबर में
01 1140/04
02 1547/07
06 3082/10
10 3349/12
25 6777/22
अक्तूबर में
01 8133/29
02 9,258/20
06 7871/25
08 10,606/22
10 11,755/23
नोट : केरल में 22 अगस्त से दो सितंबर तक ओणम मनाया गया था।
स्रोत : केरल स्वास्थ्य विभाग का हेल्थ बुलेटिन