शिक्षा सचिव आरमीनाक्षी सुंदरम के मुताबिक इस संबंध में मुख्य सचिव को प्रस्ताव भेजा था। शिक्षा मंत्री और फिर मुख्यमंत्री के स्तर से इस पर अंतिम निर्णय लिया गया।
शिक्षा सचिव आरमीनाक्षी सुंदरम के मुताबिक सीबीएसई की तर्ज पर इन परीक्षाओं को निरस्त एवं स्थगित करने की सिफारिश की गई थी।
इसमें 10वीं के बच्चों को पिछले परर्फोरमेंस के आधार पर पास माना जाएगा। जबकि 12 वीं के छात्रों की परीक्षा के लिए स्थिति कुछ सामान्य होने के बाद अलग से परीक्षा तिथि तय की जाएगी।
दो लाख 70 हजार से अधिक परीक्षार्थी
उत्तराखंड बोर्ड की 10 वीं और 12 वीं की परीक्षा में दो लाख 70 हजार से अधिक परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। इसमें 10 वीं में 148355 एवं 12 वीं में 122184 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। शिक्षा विभाग की ओर से इनकी परीक्षा के लिए प्रदेश भर में 1347 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।