रुड़की में संस्थागत क्वारंटीन किए गए लोगों को खाने में अब सलाद के साथ चटनी का स्वाद भी मिलेगा। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नमामि बंसल ने कैंटीन में बना खाना चखने के बाद यह निर्देश दिए हैं। कैंटीन में रुड़की के चार क्वारंटीन सेंटरों में ठहराए गए 225 लोगों के लिए सुबह का नाश्ता और दो टाइम का भोजन तैयार कराया जा रहा है।
बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की बॉर्डर पर स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके बाद रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और चमोली जिले के लोगों को रुड़की और आसपास संस्थागत क्वारंटीन किया जा रहा है। वर्तमान में रुड़की में चार क्वारंटीन सेंटर हैं। यहां लोगों को भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी नोडल अधिकारी बनाए गए नायब तहसीलदार सुरेश पाल सैनी और तहसील नाजिर अनिल कुमार के जिम्मे है। उन्होंने बताया कि लोगों को पौष्टिक और ताजा खाना दिया जा रहा है। साथ ही नाश्ते में हर रोज पोहा, हलवा, बिस्कुट, नमकीन, मट्ठी, फ्राई चावल आदि को अलग-अलग दिन के हिसाब से दिया जा रहा है।
शुक्रवार को इस खाने की गुणवत्ता जांचने के लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नमामि बंसल कैंटीन पहुंचीं। उन्होंने बताया कि खाना अच्छा बनाया जा रहा है, लेकिन खाने के साथ जायका बढ़ाने के लिए सलाद और चटनी परोसने के सुझाव दिए गए हैं। नायब तहसीलदार सुरेश पाल सैनी ने बताया कि शनिवार से सलाद और चटनी भी दी जाएगी।
प्रदेश में सैंपलिंग बढ़ाने के लिए जल्द ही चार जिलों में ट्रू नेट सैंपल जांच शुरू की जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के पास मशीनें पहुंच गईं हैं। एक मशीन से 24 घंटे में 80 से 100 सैपलों की जांच हो सकेगी।
आईआईपी दून में आरटीपीसीआर टेस्टिंग माह के अंत तक शुरू हो जाएगी। अपर सचिव युगल पंत ने बताया कि प्रदेश में पांच स्थानों पर इस मशीन से टेस्ट किए जाएंगे। इन मशीनों को रुड़की, ऊधमसिंह नगर, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ के अस्पतालों में लगाया जाएगा।
उत्तराखंड में स्टेज टू में है कोरोना संक्रमण
प्रदेश में प्रवासियों के आने से कोरोना संक्रमण के मामले तो बढ़े हैं, लेकिन राज्य में अभी संक्रमण स्टेज टू में है। सामुदायिक स्तर पर कोरोना नहीं फैला है। अपर सचिव युगल किशोर पंत ने इसकी पुष्टि की है। अब स्वास्थ्य विभाग के सामने कोरोना संक्रमण को स्टेज थ्री में पहुंचने से बचाने की चुनौती है।
धार्मिक गतिविधियों से रोक हटने की उम्मीद
राज्य सरकार को लॉकडाउन 4.0 के खत्म होने के बाद धार्मिक गतिविधियों पर लगी रोक हटने का इंतजार है। सरकार ने अपने स्तर से तीर्थाटन और पर्यटन की गतिविधियों को सोशल डिस्टेंसिंग के अनुरूप सीमित संख्या में शुरू करने की कार्ययोजना तैयार कर ली है। कें्रद को इस बाबत प्रस्ताव भेजा जाएगा।