पुलिस के अनुसार ध्रुव को चोरी, राजेंद्र सिंह को एनडीपीएस एक्ट, मनकीत सिंह को 25 आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था।
तीनों अभियुक्तों के भागने पर बार्डर सील कर पुलिस ने चेकिंग की लेकिन अस्पताल के पास ही अभियुक्त पकड़े गए। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर तीनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
-अमित श्रीवास्तव, एसपी सिटी हल्द्वानी
मरीजों के भागने की घटनाएं
= 26 मार्च : कोरोना संदिग्ध नेपाली नागरिक भागा।
= 08 अप्रैल को कोरोना संदिग्ध भागकर अपने घर भवाली पहुंचा।
= 26 अप्रैल को तस्करी का आरोपी रस्सी काटकर फरार हुआ।
= 08 मई को जांच को आया कोरोना संदिग्ध लापता हुआ।
= 04 जुलाई को हत्या का ओरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हुआ।
= 29 जुलाई को कोविड पॉजिटिव रोगी भागने की कोशिश में पकड़ा गया।
= 05 अगस्त को रामनगर का कोरोना पॉजिटिव मरीज अस्पताल से भागा।
= 06 अगस्त को एसटीएच से महिला कोरोना मरीज लापता हुई।
= 12 अगस्त को कोरोना पॉजिटिव तीन मरीज (कैदी) शौचालय के पास की खिड़की तोड़कर भागे।
सुशीला तिवारी अस्पताल में कोविड वार्ड से लेकर अन्य स्थानों पर सीसीटीवी लगाए जाने हैं। 48 कैमरे लगवाने के लिए एसटीएच के नोडल अधिकारी और केएमवीएन के एमडी रोहित मीणा ने दिए थे। एक सप्ताह से अधिक का समय हो चुका है मगर अभी तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लग सके हैं।
गार्ड की सतर्कता से दबोचे गए
साइकेट्री वार्ड के शौचालय के पास बनी खिड़की को तोड़कर तीन मरीजों ने भागने का प्रयास किया। गार्ड की सावधानी और सतर्कता के कारण तीनों धर दबोचे गए। साइकेट्री और स्किन वार्ड ग्राउंड फ्लोर पर बना है। इन वार्डों में नौ कोविड पॉजिटिव कैदी भर्ती हैं।
एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि शाम लगभग छह बजे शौचालय के पास बनी खिड़की इन मरीजों ने तोड़ दी। सीसीटीवी की मानीटरिंग कर रहे गार्ड ने मरीजों को भागते हुए देख लिया और अस्पताल में अन्य गार्डों को अलर्ट करने के साथ ही गेट बंद करा दिए। साथ ही पुलिस के अलावा अस्पताल प्रबंधन को सूचना दी।
बताया कि सभी कैदियों को अब एच वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा है। इनमें कुछ मरीजों के 14 और कुछ के 16 दिन पूरे हो गए हैं और दो से तीन दिन के भीतर डिस्चार्ज किया जाएगा।