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Coronavirus in Uttarakhand: महाराष्ट्र से ऋषिकेश पहुंचा युवक मिला कोरोना पॉजिटिव, कुल मरीज हुए 92

Sun, 17 May 2020 10:41 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : फाइल फोटो
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उत्तराखंड में आज कोरोना का एक और मामला सामने आया है। हाल ही में महाराष्ट्र से ऋषिकेश लौटा युवक कोरोना संक्रमित पाया गया है। अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने मरीज में कोरोना की पुष्टि की है। इसके साथ ही अब प्रदेश में मरीजों की संख्या 92 हो गई है। वहीं, मिला कर 52 संक्रमित मरीज ठीक हो गए हैं।

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स्वास्थ्य विभाग की ओर जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार रविवार को 327 सैंपलों की जांच रिपोर्ट आई है। जिसमें 326 सैंपल निगेटिव मिले हैं। रविवार को पूरे प्रदेश से 575 सैंपल जांच के लिए भेजे गए। 951 सैंपलों की टेस्टिंग चल रही है। वहीं, कोटद्वार के रिखणीखाल विकासखंड के एक गांव में दिल्ली से आई एक महिला की क्वारंटीन के दौरान मौत हो गई।

युवक की जांच ऋषिकेश एम्स में की गई थी। एम्स प्रशासन के अनुसार, युवक पिछले पांच से छह साल से महाराष्ट्र में एक होटल में करता था। होटल के कई लोगों में कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद वह हाल ही में ऋषिकेश वापस लौट आया था। वह तभी से अपने घर में क्वारंटीन था।
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शनिवार को वह एम्स में स्क्रीनिंग के लिए आया था। उस दौरान उसमें कुछ लक्षण पाए जाने पर युवक का सैंपल लिया गया था, जिसकी रिपोर्ट आज पॉजिटिव आई है। युवक को कोरोना वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा है।

जिलेवार कोरोना संक्रमण की स्थिति

जनपद          संक्रमित     ठीक हुए मरीज
देहरादून          45           28
हरिद्वार            07             07
नैनीताल          14            10
ऊधमसिंह नगर   18           05
उत्तरकाशी           01          -
अल्मोड़ा              02          01
पौड़ी                  02           01

हरिद्ववार में सभी सात मरीज हुए ठीक

उत्तराखंड में रेड जोन में शामिल हरिद्वार जिले में कोरोना संक्रमित सभी मरीज ठीक हो गए हैं। मेला अस्पताल से सातवें मरीज को भी ठीक होने के बाद घर भेज दिया गया है। वर्तमान में अब जिले में कोई भी एक्टिव केस नहीं है।

सीएमओ डॉ. सरोज नैथानी ने बताया कि मेला अस्पताल में भर्ती लक्सर क्षेत्र के व्यक्ति की दूसरी रिपोर्ट निगेटिव आने पर उसे घर भेज दिया गया है। बता दें कि लक्सर के बहादरपुर खादर निवासी एक व्यक्ति की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने पर उसे 14 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

रविवार को उसे कोरोना ठीक होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। मेला अस्पताल से भर्ती सभी सातों मरीजों के स्वस्थ्य होने पर सीएमओ समेत अस्पताल प्रशासन ने भी खुशी जताई।

प्रदेश में तो सैंपलिंग बढ़ी, पहाड़ों में नहीं

कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार ने सैंपलिंग तो बढ़ा दी है। लेकिन प्रदेेश के नौ पर्वतीय जनपदों में सैंपल की जांच में तेजी नहीं आई है। 15 मार्च से 17 मई तक पर्वतीय जिलों में कुल 911 सैंपलों की जांच हुई है। जबकि पिछले एक सप्ताह में बाहरी राज्यों से सबसे अधिक प्रवासी पहाड़ों में लौटे हैं। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले लगाता बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग ने सैंपलिंग बढ़ा दी है।

लेकिन सैंपल जांच में मैदानी जिले देहरादून, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और हरिद्वार पर ही फोकस है। प्रवासियों के लौटने से पौड़ी, उत्तरकाशी और अल्मोड़ा में कोरोना संक्रमित मामले सामने आए हैं। इसके बावजूद भी पर्वतीय जिलों में सैंपलिंग नहीं बढ़ी है। वहीं, श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में कोरोना सैंपल की जांच के लिए लैब भी स्थापित की जा चुकी है। मैदानी जिलों में ज्यादा सैंपलों की जांच से संक्रमित मामले भी सामने आ रहे हैं।

अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने कहा कि कोरोना के संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर ही सैंपल जांच के लिए भेजे जाते हैं। मैदानी क्षेेेत्रों में संदिग्ध मामले ज्यादा आने से सैंपल ज्यादा लिए जा रहे हैं।

नौ पर्वतीय जिलों में सैंपलिंग की स्थिति
जनपद      सैंपलों की संख्या
उत्तरकाशी     308
अल्मोड़ा       123
पौड़ी             108
चंपावत         83
पिथौरागढ़      81
रुद्रप्रयाग        59
चमोली          54
टिहरी             48
बागेश्वर          47
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बेंगलूरू में फंसे प्रवासी युवकों ने लगाई मदद की गुहार

लॉकडाउन के कारण बेंगलूरू कर्नाटक में फंसे उत्तरकाशी के करीब एक दर्जन प्रवासी युवकों ने शासन प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। सभी युवक जिले के बधाणगांव, अनोल, हडियाड़ी, कुमराड़ा आदि गांवों के रहने वाले हैं, जो बंगलूरू के एक होटल में काम करते हैं। फंसे हुए

युवकों में से एक गोविंद सिंह ने बताया कि घर आने के लिए वह सरकार द्वारा जारी पोर्टल में कई बार रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। साथ ही उन्होंने उत्तरकाशी के स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी मदद की अपील की है, लेकिन अभी तक उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। जिससे उत्तरकाशी के 11 युवकों के अलावा उनके साथ रह रहे टिहरी, श्रीनगर व अल्मोड़ा के नौ अन्य लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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