प्राइवेट अस्पताल कोरोना संक्रमण के इलाज के नाम पर अब मनमानी नहीं कर सकेंगे। बीते दिनों प्रदेश सरकार की ओर से कोरोना के इलाज की दरें तय की गई थीं, जिसे जिले में भी लागू करते हुए मंगलवार को जिलाधिकारी ने इसका आदेश जारी कर दिया है। इसमें निजी अस्पतालों में उपलब्ध सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं के आधार पर इन्हें तीन श्रेणियों में बांटा गया है। पहली श्रेणी में सामान्य संक्रमण, दूसरी में गंभीर तथा तीसरी में अत्यंत गंभीर संक्रमण को रखा गया है।
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जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कोरोना का इलाज करने के लिए शासन की ओर से तय की गईं दरों से 20 प्रतिशत कम पर प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों का इलाज होगा। तय दरों का 80 प्रतिशत उपचार शुल्क निजी अस्पताल कोरोना मरीजों से लेंगे।
इसमें 1200 और 2000 रुपये पीपीई किट के खर्च के साथ ही बिस्तर, भोजन, निगरानी, नर्सिंग देखभाल, डॉक्टरों का परामर्श, कोविड जांच, ऑक्सीजन आदि सुविधाएं का शुल्क भी शामिल होगा। अगर कोई अस्पताल तय दरों से अधिक शुल्क वसूलता है तो उसके खिलाफ एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1897 तथा उत्तराखंड महामारी कोविड-19 विनियमावली 2020 के तहत कार्रवाई की जाएगी।