मसूरी में साप्ताहिक बंदी के कारण पर्यटक दिनभर परेशान रहे। शहर के सभी बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। पर्यटकों की परेशानी को देखते हुए व्यापारियों के साथ ही कांग्रेस ने भी शहर में साप्ताहिक बंदी पर सवाल उठाए हैं।
कोरोना संक्रमण की वजह से मसूरी में हर बुधवार को साप्ताहिक बंदी रहती है। इस दौरान केवल आवश्यक सेवाओं की दुकानें ही खुली रहती हैं। बाजार बंद रहने से पर्यटकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मसूरी ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा कि हरिद्वार, नैनीताल मे साप्ताहिक बंदी नहीं है।
जिला देहरादून के व्यापारियों पर साप्ताहिक बंदी थोपी गई है। इससे शहर में आने वाले पर्यटक परेशान हो रहे हैं। कहा कि पर्यटन मंत्री कहते हैं कि नए साल और क्रिसमस पर पर्यटक उत्तराखंड आएं, लेकिन प्रशासन ने कार्यक्रम आयोजित करने पर रोक लगाई है। कहा कि प्रशासन के इस फैसले से पर्यटन पर बड़ा असर पड़ेगा।
वहीं, शहर कांग्रेस अध्यक्ष गौरव अग्रवाल ने कहा है कि भाजपा की प्रदेश सरकार एक ओर छोटे समारोह की अनुमति देती है, वहीं नए साल और क्रिसमस पर होटलों व अन्य स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित करने पर प्रतिबंध लगाती है, जिसका कांग्रेस विरोध करती है। उन्होंने नये साल और क्रिसमस पर जश्न मनाने पर लगे प्रतिबंध को हटाने और मसूरी में साप्ताहिक बंदी को समाप्त करने की मांग की।
सीएचसी रायपुर में कोरोना जांच के लिए पहुंचे युवाओं से रुपये लेने की पुष्टि हुई है। हालांकि, आरोपी कर्मचारी के अनुसार युवाओं से सरकारी फीस ली गई थी। अस्पताल ने मंगलवार को सीएमओ कार्यालय को इसकी सूचना उपलब्ध कराई। आरोपी के खिलाफ सोमवार को ही अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
कोटद्वार सेना भर्ती में शामिल होने जा रहे युवा कोरोना जांच और फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने के लिए सीएचसी रायपुर पहुंचे थे। इनमें से कुछ युवाओं ने आरोप लगाया कि उनसे रिपोर्ट के लिए पैसे मांगे गए। इसको लेकर युवाओं ने अस्पताल में हंगामा भी किया। शिकायत मिलने के बाद विभागीय अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और जानकारी ली।
बुधवार को अस्पताल प्रबंधन ने प्राथमिक जांच में रुपये लिए जाने की पुष्टि की। हालांकि, वह धनराशि सरकारी फीस के रूप में ली गई या कुछ और। इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। अस्पताल के सीएमएस डॉ. आनंद शुक्ला ने बताया कि मामले में किसी ने भी लिखित शिकायत नहीं की है। साथ ही युवाओं से संपर्क भी नहीं हो पा रहा है। ऐसे में रिपोर्टों की पुष्टि कराना मुश्किल हो रहा है।
दूसरी ओर सीएमओ डॉ. अनूप डिमरी ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि जो आरोप लगाए गए हैं, उनकी जांच के लिए शिकायतकर्ताओं या पीड़ितों को सामने आना होगा। उन्होंने कहा कि आरोपी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर बृहस्पतिवार को फैसला हो सकता है।