कोरोना संक्रमित मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक, उन्हें अस्पताल से जल्द ही डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री सोमवार से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान नई दिल्ली में भर्ती हैं।
मुख्यमंत्री के फीजिशियन डॉ. एनएस बिष्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री की सभी जांचे सामान्य आई हैं। जिस तेजी से उनकी सेहत में सुधार आ रहा है, उन्हें एम्स से जल्द छुट्टी दे दी जाएगी। इधर, मुख्यमंत्री की अच्छी सेहत के लिए प्रार्थनाओं, अनुष्ठानों और दुआओं का सिलसिला जारी है। विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग उनकी सुंदर स्वास्थ्य की कामना के लिए प्रार्थनाएं कर रहे हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री ने जाना अजय भट्ट की सेहत का हाल
सांसद अजय भट्ट भी कोरोना संक्रमित होने के बाद से एम्स नई दिल्ली में भर्ती हैं। बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे एम्स पहुंचे और सांसद भट्ट से मिले। उन्होंने उनके स्वास्थ्य का हालचाल जाना। विगत दिनों वरिष्ठ भाजपा नेता अश्विनी चौबे भी कोरोना संक्रमित हो गए थे।
कंडीसौड़ तहसील क्षेत्र के बांडा गांव में नौ लोग कोरोना संक्रमित मिलने से गांव को 14 दिन के लिए कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड बौराड़ी के ईई और एक जेई की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आने पर कार्यालय को सैनिटाइज किया गया।
विभाग में कार्यरत अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के भी सैंपल लिए गए है। अब अगले 14 दिन तक गांव में सभी गतिविधयां बंद रहेगी। गांव में रसद और अन्य आवश्यक सामग्री की आपूर्ति करने की जिम्मेदारी राजस्व उप निरीक्षक को दी गई है।
कोरोना संक्रमण पर वार करने के लिए सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार किया है। कोरोना काल के 10 माह में प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में 30 हजार आईसोलेशन बेड का इंतजाम किया गया। वहीं, कोरोना मरीजों के इलाज के लिए प्रदेश में ऑक्सीजन की उपलब्धता 7.39 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 123 मीट्रिक टन की गई है। वर्तमान में प्रति लाख आबादी पर लगभग 15 हजार लोगों की कोविड जांच हो रही है।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण का पहला मामला 15 मार्च को मिला था। उस समय प्रदेश में आईसोलेशन बेड की संख्या 1200 थी। जो बढ़ कर 30 हजार से अधिक हो गई। जहां कोरोना के शुरूआत में सैंपल जांच के लिए प्रदेश में मात्र एक सरकारी लैब थी। वहीं, अब 13 सरकार और आईसीएमआर से अधिकृत 15 निजी लैब में कोविड जांच की जा रही है। इसी तरह पहले प्रदेश में वेंटीलेटर की संख्या 116 थी। वर्तमान में प्रदेश में 710 वेंटीलेटर उपलब्ध है। आईसीयू बेड की संख्या भी 216 से बढ़ कर 836 हो गई है।
प्रभारी सचिव स्वास्थ्य डॉ. पंकज कुमार पांडेय का कहना है कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार की ओर से हरसंभव कदम उठाए गए हैं। वर्तमान में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए प्रदेश में पर्याप्त व्यवस्थाएं है। संक्रमण को रोकथाम के लिए पहले की तुलना में सैंपल जांच बढ़ी है। शुरूआत में प्रति लाख आबादी पर जहां चार सैंपल की जांच की जा रही थी। वर्तमान में प्रति लाख पर 15 हजार सैंपल जांच की जा रही है।