उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण की दर पांच प्रतिशत पहुंच गई है। एक महीने के भीतर संक्रमण दर 4.08 प्रतिशत से बढ़ कर 5.00 प्रतिशत पर पहुंची है। नैनीताल जिले की सबसे अधिक संक्रमण दर 8.02 प्रतिशत है।
बता दें कि अब रोजाना औसत छह हजार सैंपलों की रिपोर्ट आ रही है। प्रदेश में अब तक 2.17 लाख सैंपलों की जांच हो चुकी है और संक्रमित मामलों का आंकड़ा 11 हजार पार कर गया है।
पर्वतीय जिलों की तुलना में मैदानी जिले नैनीताल, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, देहरादून जिले में संक्रमण की दर अधिक है। कोरोना आंकड़ों का अध्ययन कर रहे सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल का कहना है कि मैदानी जिलों में संक्रमण दर तेजी से बढ़ी है। वहीं, पहाड़ों में संक्रमण दर काफी कम है।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए कंटेनमेंट जोन की संख्या 527 हो गई है। आठ जिलों में संक्रमण को देखते इन क्षेत्रों को पाबंद किया गया है। बृहस्पतिवार शाम को जारी स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 527 क्षेत्रों को कंटेनमेंट जोन घोषित कर पाबंद किया गया है।
इसमें हरिद्वार में सबसे अधिक 423 क्षेत्र कंटेनमेंट बनाए गए हैं। वहीं, नैनीताल में 38, ऊधमसिंह नगर में 49, देहरादून में सात, टिहरी में तीन, चंपावत में चार, उत्तरकाशी में दो और बागेश्वर जिले में एक कंटेनमेंट जोन है।