कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार ने करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा दिए हैं। एसपीएस राजकीय चिकित्सालय में बिना कोरोना जांच की मरीजों की ओपीडी पर्ची नहीं कट रही है। कुंभमेला होने के कारण शासन-प्रशासन भी कोविड-19 के प्रति मुस्तैद हो गया है। वहीं तीर्थनगरी के प्राइवेट अस्पतालों में कोविड-19 की जमकर धज्जियां उड़ रही हैं।
तीर्थनगरी के प्राइवेट अस्पतालों में न तो मरीजों की कोरोना जांच हो रही है, न ही मरीज सामाजिक दूरी का पालन कर रहे हैं, न ही मरीजों को सैनिटाइज करने की कोई व्यवस्था है। यही नहीं स्वास्थ्य स्टाफ कर्मचारी भी बिना मास्क, सैनिटाइजर और गल्ब्स के मरीजों का उपचार कर रहे हैं।
अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में प्राइवेट अस्पताल कोविड-19 के नियमों की धज्जियां उड़ाकर धन बटोरने की चाह में मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। शासन प्रशासन इन पर नकेल कसने के बजाय इस ओर तमाशबीन बना हुआ है।
प्राइवेट अस्पताल में हो रही कोविड-19 के नियमों की अनदेखी की जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
- डॉ. आशीष श्रीवास्तव, जिलाधिकारी देहरादून